Uttarakhandदावादेश-विदेशपरीक्षा परिणामप्रतिभा को सलाम

मुंबई में कैम्पियन स्कूल के यशोवर्धन दाते ने 99.40% के साथ किया टॉप

देहरादून। कॉउन्सिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशनस की आईसीएसई (ICSE) 10वीं परीक्षा में मुंबई के कैम्पियन स्कूल के छात्र और उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस (वर्तमान में सेबी में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत ) डॉ सदानंद दाते के बेटे यशोवर्धन दाते ने 99.40% के साथ टॉप किया है। हालांकि बोर्ड ने इस बार भी अधिकारिक टॉपर्स सूची जारी नहीं की है, लेकिन यशवर्धन ने जो अंक हासिल किए हैं, उससे न केवल मुंबई में टॉप किया बल्कि देशभर के सर्वोच्च टॉपरों में जगह बनाई  है।

मुंबई के कैम्पियन स्कूल के छात्रों का जलवा इस बार भी कायम रहा। विद्यालय में यशोवर्धन दाते ने दसवीं परीक्षा में 99.40% के साथ टॉप किया है। विद्यालय ने 100% रिजल्ट के साथ 48 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल कर नया कीर्तिमान रचा है। विद्यालय में इस वर्ष मास्टर यशोवर्धन सदानंद दाते ने 99.40% अंक प्राप्त कर न केवल विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया, बल्कि मुंबई के साथ देशभर में भी शीर्ष स्थान प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया। यशोवर्धन ने गणित, विज्ञान और कंप्यूटर जैसे विषयों में 100 फीसद अंक प्राप्त कर प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। जबकि अंग्रेजी में 98%, मराठी में 99%, इतिहास-भूगोल में 98% अंक अर्जित कर असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया है। यशोवर्धन की इस उपलब्धि पर स्कूल प्रबंधन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम कड़ी मेहनत, समर्पण और अभिभावकों के निरंतर सहयोग का प्रतिफल है। विद्यालय परिवार ने यशोवर्धन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उधर, बता दें कि यशोवर्धन के पिता उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अफसर हैं और यहां एसएसपी, डीआईजी और आईजी के पदों पर रहे। साथ ही सीबीआई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ दाते वर्तमान में सेबी में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

बोर्ड ने टॉपरों की रैकिंग नहीं की जारी 

भारतीय विद्यालय प्रमाण पत्र परीक्षा परिषद (CISCE) ने आज 2026 के ICSE कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है । हालांकि, टॉपर्स की सूची का इंतजार कर रहे छात्रों को इस बार भी निराशा हाथ लग सकती है, क्योंकि बोर्ड आधिकारिक मेरिट रैंकिंग जारी नहीं करेगा। इससे न केवल राज्य बल्कि देशभर में टॉपरों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि स्कूलों और व्यक्तिगत स्तर पर सौ फीसद अंकों के साथ प्रदर्शन करने वालों को देश की टॉपर सूची में शामिल समझा जा सकता है।

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