Uttarakhandउत्तराखंडएसटीएफ की बड़ी कार्रवाईदावा

फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर STF का बड़ा प्रहार, हाईकोर्ट से आरोपियों को नहीं मिली राहत

देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने फर्जी लाइसेंस नेटवर्क से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इस बीच मामले में नामजद आरोपियों सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और दानिश को भी बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए दायर उनकी रिट याचिका और अपील को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि 9 और 10 जून की मध्यरात्रि की गई कार्रवाई इस पूरे प्रकरण में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई है। प्रारंभिक जांच के दौरान एसटीएफ के पास मुख्य आरोपी सौरभ अग्रवाल और उसके परिजनों से जुड़े केवल तीन शस्त्र लाइसेंसों की जानकारी थी, लेकिन ताजा कार्रवाई में सात अतिरिक्त कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और चार अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इस परिवार से जुड़े कुल सात शस्त्र लाइसेंस और सात हथियारों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य जांच एजेंसी के हाथ लग चुके हैं, जिससे मामले की विवेचना को काफी मजबूती मिली है। बरामदगी के बाद जांच में कई नई जानकारियां सामने आई हैं और पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
एसएसपी एसटीएफ के अनुसार जांच में यह भी पता चला है कि बरामद चार हथियारों के अलावा इसी नेटवर्क से जुड़े कम से कम तीन अन्य हथियार अभी भी संबंधित व्यक्तियों के कब्जे में हैं। इन हथियारों की बरामदगी के लिए विशेष टीमें लगातार छापेमारी और जांच अभियान चला रही हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल फर्जी लाइसेंस बनवाने का मामला नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित नेटवर्क के संचालन का संकेत देता है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कूटरचित शस्त्र लाइसेंसों के जरिए हथियारों का अधिग्रहण, स्थानांतरण और उपयोग किया जा रहा था। हालिया बरामदगी से मिले दस्तावेज, हथियार और अन्य साक्ष्य न केवल दर्ज मुकदमे को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि राज्य में अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ अभियान आगे भी और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी व्यक्तियों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और अवैध हथियारों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ की इस कार्रवाई को उत्तराखंड में अवैध हथियारों और फर्जी लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

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