उत्तराखंड में 42 सौ ग्रेड पे और डीसीएस कार्य को लेकर मुखर हुआ पटवारी संगठन, कुमाऊं आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ (पटवारी संगठन), उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह मेहता ने शनिवार को कुमाऊँ मंडल के आयुक्त दीपक रावत से शिष्टाचार भेंट कर संगठन की विभिन्न लंबित मांगों एवं विभागीय समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। निर्विरोध लगातार पांचवीं बार प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद यह उनकी कुमाऊँ आयुक्त से पहली औपचारिक मुलाकात रही।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह मेहता ने बताया कि प्रदेश के राजस्व उपनिरीक्षक लंबे समय से 4200 ग्रेड पे (लेवल-6) का लाभ दिए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व उपनिरीक्षकों की कार्यप्रकृति केवल राजस्व कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रबंधन, निर्वाचन, जनगणना, वीआईपी ड्यूटी, कानून-व्यवस्था सहित अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उन्हें करना पड़ता है। इसके बावजूद अन्य विभागों के समान दायित्व निभाने वाले कर्मचारियों की तुलना में उन्हें अपेक्षित वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। कुमाऊं आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने मांग की है कि राजस्व उपनिरीक्षकों को 1 जनवरी 2006 से वास्तविक आधार पर 4200 ग्रेड पे (लेवल-6) का लाभ प्रदान किया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगति का समाधान हो सके।
बैठक में संगठन ने डीसीएस (Digital Crop Survey) कार्य को लेकर भी गंभीर तकनीकी एवं व्यवहारिक कठिनाइयों से आयुक्त को अवगत कराया। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय में प्रदेश में आपदा सीजन, मानसून, जनगणना, निर्वाचन संबंधी तैयारियां और अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्य एक साथ चल रहे हैं। ऐसे में डीसीएस कार्य को मौजूदा संसाधनों और व्यवस्था के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा करना अत्यंत कठिन साबित हो रहा है।
संगठन ने यह भी कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए डीसीएस कार्य में नेटवर्क, तकनीकी संसाधनों और सीमित स्टाफ जैसी अनेक व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। ज्ञापन में सुझाव दिया गया कि डीसीएस कार्य शुरू करने से पहले राजस्व निरीक्षक एवं राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्रों का पुनर्गठन किया जाए, जिससे कार्य अधिक प्रभावी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके। अन्यथा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर इस कार्य को किसी सक्षम निजी एजेंसी के माध्यम से कराए जाने पर भी विचार किया जाए। प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह मेहता ने आयुक्त दीपक रावत से अनुरोध किया कि संगठन की दोनों प्रमुख मांगों—4200 ग्रेड पे तथा डीसीएस कार्य से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं—का शीघ्र समाधान कराने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
