उत्तरकाशी में छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन

देहरादून। दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में बुधवार को उत्तरकाशी के हनुमान चौक पर स्थानीय युवाओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका समाधान संवैधानिक और संवादपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ शांतिपूर्ण ढंग से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने, परीक्षा संबंधी विवादों और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने की मांग की गई।
ज्ञापन में भविष्य में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की रोकथाम के लिए कठोर एवं प्रभावी कानूनी व्यवस्था लागू किए जाने का आग्रह किया गया। साथ ही नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं था, बल्कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज़, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य के प्रति नागरिक एकजुटता व्यक्त करने का शांतिपूर्ण प्रयास था।
इस अवसर पर पृथ्वीराज सिंह राणा, आयुष बिष्ट, विनयमोहन चौहान, राजवीर नेगी, आकाश भट्ट, सूरज रावत, कृष्णपाल, गौरव, अर्जुन, शुभम चमोली, मनदीप, रोहित सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।
