देहरादून में रोमियो लेन बार प्रकरण में पुलिस मुख्यालय सख्त, 24 घंटे में तलब की रिपोर्ट

देहरादून। राजपुर क्षेत्र स्थित चर्चित रोमियो लेन बार में देर रात हुई पुलिस कार्रवाई और उसके बाद घटनाक्रम में कथित रूप से आईजी के हस्तक्षेप को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए तथ्यों का संज्ञान लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है और कड़ा रुख अपनाया है।इस मामले में 24 घंटे में एडीजी ने आईजी और एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है।
पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने इस मामले में स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी तलब की है।उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून प्रमेंद्र डोबाल को निर्देश दिए हैं कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत आख्या 24 घंटे के भीतर मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। सूत्रों के अनुसार, राजपुर स्थित रोमियो लेन बार में शनिवार देर रात शराब परोसने और नियमों के उल्लंघन को लेकर पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की थी। बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंचे अधिकारियों की कार्रवाई को वहां मौजूद एक आईजी ने हस्तक्षेप किया गया, जिससे स्थिति और अधिक विवादित हो गई। मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक (IG) द्वारा कार्रवाई को रोके जाने और बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा बार को खाली कराए जाने की बात सामने आई है।
इस घटनाक्रम ने पुलिस कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर तब, जब एक ओर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात हो और दूसरी ओर उसी कार्रवाई में वरिष्ठ स्तर पर हस्तक्षेप की चर्चा सामने आए। ऐसे में पुलिस मुख्यालय का सख्त रुख यह संकेत देता है कि मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय के स्तर पर इस प्रकरण की हर पहलू से जांच किए जाने की बात कही जा रही है। पीएचक्यू ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर जानकारी छिपाने या गुमराह करने की कोशिश गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकती है।
इधर, शहर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। आम लोगों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों ने भी इस प्रकरण में पारदर्शिता की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले ही देर रात तक नियम विरुद्ध जाम छलकाएंगे तो सवाल उठेंगे ही। बहरहाल, अब सभी की नजरें पुलिस मुख्यालय को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। यह भी देखना अहम होगा कि जांच के बाद जिम्मेदारी तय करते हुए क्या कार्रवाई की जाती है और क्या इस मामले में उच्च स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
