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वर्क चार्ज कर्मचारियों को बड़ी राहत: पेंशन बहाली के आदेश जारी, 4000 पेंशनर्स को मिलेगा लाभ

देहरादून। उत्तराखंड में वर्क चार्ज कर्मचारियों की पेंशन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब राहत की ओर बढ़ता दिख रहा है। 16 जनवरी 2026 को उत्तराखंड शासन द्वारा जारी एक शासनादेश में वर्क चार्ज अवधि की सेवाओं को पेंशन हेतु अर्हकारी न मानने का निर्णय लिया गया था। इस आदेश के बाद सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के हजारों कर्मचारी, जो अक्टूबर 2005 के बाद नियमित हुए थे, पेंशन से वंचित हो गए थे। इतना ही नहीं, कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जनवरी माह से पेंशन का भुगतान भी रोक दिया गया था।

इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों ने न्याय की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत देते हुए 16 जनवरी 2026 के शासनादेश पर रोक लगा दी। इसके बावजूद मार्च माह तक कई पेंशनर्स को उनका बकाया भुगतान नहीं मिल पाया, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड शासन ने अंततः 23 अप्रैल 2026 को उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए पूर्व स्थिति बहाल करने के निर्देश जारी कर दिए। शासन ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन रोकी गई थी, उनका तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
इस निर्णय से लगभग 4000 पेंशनर्स को बड़ी राहत मिली है, जो पिछले चार महीनों से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे थे।
लोक निर्माण विभाग नियमित वर्क चार्ज कर्मचारी संघ, उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव राजेश प्रसाद ने इस फैसले पर सरकार और शासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही उन कर्मचारियों के हित में भी सकारात्मक निर्णय लेगी, जो 8 मार्च 2023 के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं तथा वे लगभग 1500 कर्मचारी जो वर्क चार्ज सेवा के बाद अक्टूबर 2005 के बाद नियमित हुए हैं।
संघ ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के लंबे संघर्ष का परिणाम है और भविष्य में भी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

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