पीएमश्री विद्यालयों में सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा पर शिक्षक संदर्शिका तैयार, 5 दिवसीय कार्यशाला संपन्न

देहरादून। पीएमश्री विद्यालयों में सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा (एसईएल) एवं मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित पांच दिवसीय शिक्षक संदर्शिका निर्माण कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यशाला में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए सामाजिक-भावनात्मक कौशल विकसित करने संबंधी गतिविधियों पर मंथन किया गया।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने मिलकर कुल 32 गतिविधियां तैयार कीं, जिनका उपयोग शिक्षक कक्षा शिक्षण के दौरान विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक संबंध, जिम्मेदार निर्णय लेने की क्षमता और जीवन कौशल विकसित करने के लिए करेंगे। बताया गया कि राज्य में वर्ष 2019 से कक्षा 1 से 8 तक ‘आनन्दम्’ कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य आधारित कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
कार्यशाला का आयोजन निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखंड श्रीमती वंदना गर्ब्याल की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य समन्वयक डॉ. बी.पी. मैन्दोली रहे। इसमें एससीईआरटी, विभिन्न डायट, पीएमश्री विद्यालयों के शिक्षकों सहित 32 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के संचालन में लभ्य फाउंडेशन, ड्रीम ए ड्रीम तथा अमेरिकन फाउंडेशन का तकनीकी सहयोग रहा।
समापन समारोह में अपर निदेशक एससीईआरटी श्री पदमेंद्र सकलानी ने कहा कि विद्यार्थियों का सामाजिक एवं भावनात्मक विकास आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण पक्ष है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास, मानसिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
प्रतिभागियों ने विश्वास जताया कि तैयार की गई गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, समानुभूति, संवाद कौशल, भावनात्मक प्रबंधन और सहयोगात्मक व्यवहार विकसित करने में सहायक होंगी। उन्होंने इस संदर्शिका को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प भी लिया।
