पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुई 46वीं श्री शिव महापुराण कथा, उत्तरकाशी की सुख-शांति और समृद्धि की कामना

देहरादून। भूतभावन बाबा काशी विश्वनाथ की पावन धरा उत्तरकाशी में महंत जयेंद्र पुरी के मार्गदर्शन में आयोजित 46वीं श्री शिव महापुराण कथा 2026 का मंगलवार को हवन एवं पूर्णाहुति के साथ विधिवत समापन हो गया। कथा के अंतिम एवं 11वें दिवस पर सभी यजमान परिवारों ने वैदिक विधि-विधान से हवन-पूजन कर बाबा विश्वनाथ से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं सर्वांगीण विकास की कामना की। कथा के समापन अवसर पर व्यास पीठ की ओर से उत्तरकाशी की देवतुल्य जनता का कथा में उत्साहपूर्वक सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही कथा के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी भक्तों, सेवा मंडलियों, मंदिर सेवा समिति के सदस्यों तथा व्यवस्थाओं में जुटे कार्यकर्ताओं का भी अभिनंदन किया गया।

व्यास श्री शिवराम भट्ट का हुआ सम्मान
शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस उत्तरकाशी के सुप्रसिद्ध एवं पूजनीय व्यास श्री शिवराम भट्ट का सानिध्य भी श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। उनकी मधुर वाणी का एक दिन पूर्व बाबा केदार मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्रवण किया था। इस अवसर पर महंत जयेंद्र पुरी एवं व्यास पीठ के डॉ. पंकज सेमवाल ने व्यास श्री शिवराम भट्ट को श्री काशी विश्वनाथ कवच एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। व्यास श्री शिवराम भट्ट ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान करते हुए भगवान शिव की महिमा एवं जीवन में धर्म और सेवा के महत्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डुंडा के ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनका भी व्यास पीठ एवं महंत जयेंद्र पुरी की ओर से स्वागत एवं सम्मान किया गया।
सेवा में जुटे लोगों को किया सम्मानित
कथा एवं मंदिर की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेवा कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया। बाबा विश्वनाथ की सेवा में निरंतर सक्रिय मंदिर सेवा समिति के हेमराज बनूनी एवं कुशाल पंवार को उनके निस्वार्थ सेवा भाव के लिए स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। इसी क्रम में मंदिर एवं कथा आयोजन में सक्रिय सेवा समिति के सदस्य, श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के समन्वयक एवं मंच संचालक पारस कोटनाला तथा गुरुकुलम के सभी विद्यार्थियों को भी व्यास पीठ की ओर से सम्मानित किया गया। कथा के लाइव प्रसारण एवं सोशल मीडिया संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली श्री काशी विश्वनाथ आईटी सेल की टीम के समन्वयक अंकित ममगाईं, पृथ्वीराज राणा, संयम बिष्ट, मनदीप रावत, राजीव कुड़ियाल एवं हिमांशु पोखरियाल को भी सम्मानित किया गया।

अगले वर्ष भी भव्य आयोजन की कामना
कथा के समापन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत एवं कथा के मार्गदर्शक तथा यजमान महंत जयेंद्र पुरी ने कथा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, यजमान परिवारों, संतों, व्यास पीठ, सेवा समितियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बाबा भोलेनाथ से उत्तरकाशी जिले के सर्वांगीण विकास, सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। महंत जयेंद्र पुरी ने कामना की कि जिस श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ इस वर्ष श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन हुआ, उसी प्रकार आगामी वर्ष भी बाबा विश्वनाथ की कृपा से कथा का आयोजन और अधिक भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में हो।
अंत में पूजनीय व्यास पीठ द्वारा सभी श्रद्धालुओं को सुफल प्रदान करने के आशीर्वचन के साथ कथा का समापन हुआ। पूर्णाहुति के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का प्रसाद एवं भोग ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान उत्तरकाशी नगरी हर-हर महादेव और बाबा विश्वनाथ के जयकारों से गुंजायमान रही।
