नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी में नकली दवाओं के संगठित गिरोह पर STF की बड़ी कार्रवाई, मुख्य सरगना बिजनौर से गिरफ्तार

देहरादून। प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम पर नकली जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण कर उन्हें ऑनलाइन माध्यम से बाजार में बेचने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ ने गिरोह के मुख्य सरगना विशद कुमार पुत्र भीम सिंह, निवासी गली नंबर-1, चांदपुर, जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश) को बिजनौर से गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ के अनुसार, इस मामले में पूर्व में गिरोह के दो सदस्यों जतिन निवासी संभल और गौरव त्यागी निवासी देहरादून को गिरफ्तार किया जा चुका है। विवेचना के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गिरोह की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य सरगना तक पहुंच बनाई।
सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था नकली दवाओं का कारोबार
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गिरोह द्वारा प्रतिष्ठित दवा कंपनियों की जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल तैयार कर उन्हें ऑनलाइन माध्यम से बेचने का काम किया जा रहा था। मामले में सीसीपीएस देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 29/2026 दर्ज है। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS), कॉपीराइट अधिनियम, आईटी एक्ट और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कोटद्वार की कंपनी पर भी कार्रवाई
मामले की विवेचना के दौरान 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स में नकली दवाओं के अवैध निर्माण की सूचना पर संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। एसटीएफ के मुताबिक मौके से करीब 3 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। इसके बाद फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया। एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार विशद कुमार उक्त कंपनी का मालिक रह चुका है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कंपनी पूर्व में भी विवादों में रही है। वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान कंपनी में नकली रेमडेसिविर के निर्माण के आरोप सामने आए थे। इसके अलावा वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस द्वारा कंपनी से संबंधित कार्रवाई और सैंपलिंग किए जाने की जानकारी भी प्रकाश में आई थी। कंपनी का औषधि निर्माण लाइसेंस भी निरस्त किया जा चुका है।
ऑनलाइन नेटवर्क पर STF की नजर
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक नकली दवाओं के कारोबार में शामिल पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों, नकली दवाओं की आपूर्ति के नेटवर्क, ऑनलाइन बिक्री के माध्यम और इनके खरीदारों से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
एसटीएफ की इस टीम क़ो मिली क़ामयाबी
मुख्य सरगना की गिरफ्तारी में निरीक्षक सुधीर कुमार, निरीक्षक यादविंदर सिंह बजवा, उपनिरीक्षक दीपक मेठाणी, उपनिरीक्षक कमाल हसन, अपर उपनिरीक्षक योगेंद्र चौहान, कांस्टेबल रवि पंत, कांस्टेबल दीपक चंदोला, कांस्टेबल प्रशांत चौहान और कांस्टेबल दीपक नेगी शामिल रहे।
एसटीएफ की आमजन से अपील
एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से संदिग्ध दवाएं खरीदने से बचें। नकली दवाओं, अवैध औषधि निर्माण या बिना वैध लाइसेंस संचालित फैक्ट्री की जानकारी मिलने पर तत्काल एसटीएफ को सूचना दें। एसटीएफ हेल्पलाइन: 9412029536…एसटीएफ ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
