ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री के सामने रखीं 10 प्रमुख मांगें, मानदेय से लेकर पंचायत सशक्तिकरण तक उठाए अहम मुद्दे

देहरादून। प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन उत्तराखंड ने मुख्यमंत्री के समक्ष ग्राम पंचायतों और प्रधानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर 10 प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए पंचायत स्तर पर व्यवस्थाओं को सशक्त और पारदर्शी बनाने की अपील की है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंडूरा रावत और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित इस ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम प्रधान ग्रामीण विकास की धुरी हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त अधिकार और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में पंचायतों को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग ग्राम प्रधानों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मासिक मानदेय दिए जाने की उठाई गई है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों को भी उचित मानदेय देने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में मानदेय बेहद कम है, जिससे जनप्रतिनिधियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संगठन ने राज्य एवं केंद्र से मिलने वाली धनराशि को जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाने की मांग की है, ताकि गांवों में तेजी से विकास कार्य कराए जा सकें। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे कार्यों में ग्राम प्रधान की अनिवार्य भागीदारी और कार्य पूर्ण होने पर प्रमाणन की व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिला योजना के अंतर्गत होने वाले सभी विकास कार्यों के प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठकों में पारित किए जाएं और ग्राम प्रधान संगठन को भी इन बैठकों में आमंत्रित किया जाए।
संगठन ने पंचायत राज एक्ट के तहत 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने, ग्राम प्रधान निधि की स्थापना करने और आपदा या आकस्मिक घटनाओं के लिए अलग बजट प्रावधान करने की मांग की है। ज्ञापन में मनरेगा के तहत श्रमिकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने, न्यूनतम मजदूरी 600 रुपये प्रतिदिन करने तथा 10 लाख तक के कार्यों का अधिकार ग्राम पंचायतों को देने की बात कही गई है। साथ ही पंचायत स्तर पर उपप्रधान पद को समाप्त करने और ग्राम प्रधानों के लिए बीमा योजना लागू करने की भी मांग की गई है। मुख्यमंत्री को हेमराज बिष्ट जिला अध्यक्ष पिथौरागढ़ और ठाकुर कृपाल सिंह जिला अध्यक्ष उत्तरकाशी मुख्यमंत्री द्वारा मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया।
ग्रामीण हित में महत्वपूर्ण कदम की अपील
संगठन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इन सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिल सके और पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। अंत में संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल करेगी।
