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220 पेटी बिना परमिट शराब ने एक कारोबारी से छीना ठेका, अब 17.19 करोड़ के राजस्व के साथ खुली दूसरे की लॉटरी

शास्त्रीनगर शराब ठेके पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई का असर, 200 कारोबारियों ने आजमाया भाग्य

देहरादून। शास्त्रीनगर स्थित शराब ठेके में बिना वैध परमिट रखी गई 220 पेटी शराब का मामला आखिरकार ठेके के निरस्तीकरण तक पहुंच गया। आबकारी विभाग की जांच और कार्रवाई के बाद निरस्त किए गए इस ठेके का बुधवार को नए सिरे से लॉटरी के माध्यम से आवंटन कर दिया गया। जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई लॉटरी में करीब 200 शराब कारोबारियों ने हिस्सा लिया। लॉटरी में राजन जायसवाल के नाम की पर्ची निकलने के साथ ही उन्हें ठेके का नया आवंटन मिल गया। हालांकि, यह आवंटन महज दुकान हासिल करने तक सीमित नहीं है। नए आवंटी के सामने करीब 17.19 करोड़ रुपये के राजस्व दायित्व की बड़ी जिम्मेदारी भी रहेगी।

औचक निरीक्षण में खुली थी पोल

शास्त्रीनगर शराब ठेके पर कार्रवाई की नींव सात जुलाई को उस समय पड़ी, जब सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट ने ठेके का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर 220 पेटी ऐसी शराब बरामद हुई, जिसे वैध एफएल-36 परमिट के बिना रखा गया था। आबकारी अधिकारियों ने संबंधित कारोबारी को शराब का वैध परमिट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई।

चार्जशीट से जांच कमेटी तक पहुंचा मामला

सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट ने मामले की चार्जशीट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने विस्तृत जांच के लिए आबकारी आयुक्त को संस्तुति भेजी। इसके बाद संयुक्त आयुक्त और दो सहायक आबकारी आयुक्तों की कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराई गई। कमेटी ने पांच अगस्त को शास्त्रीनगर स्थित ठेके का दोबारा निरीक्षण किया और शराब की आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। इसके अलावा संबंधित शराब गोदाम एफएल-2 से भी रिकॉर्ड तलब किया गया।

आपूर्ति रिकॉर्ड में ही नहीं मिली 220 पेटी शराब

जांच में मामला और गंभीर हो गया। विभागीय रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि ठेके से बरामद 220 पेटी शराब संबंधित दुकान के नाम जारी ही नहीं की गई थी। यानी बरामद शराब का दुकान के लिए निर्धारित आधिकारिक आपूर्ति रिकॉर्ड से कोई मिलान नहीं मिला। जांच के बाद जिलाधिकारी ने मामले में विधिक राय भी ली। तमाम तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 सितंबर को शास्त्रीनगर शराब ठेके का आवंटन निरस्त करने और दुकान को सील करने के आदेश जारी किए गए।

अब नए आवंटी पर 17.19 करोड़ का दायित्व

ठेका निरस्त होने के बाद इसके पुनः आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई। बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित लॉटरी में 200 कारोबारियों ने हिस्सा लिया। लॉटरी में राजन जायसवाल के नाम की पर्ची निकलने के बाद उन्हें नया आवंटी घोषित किया गया। नए आवंटी के सामने वित्तीय दायित्व भी कम नहीं है। वर्तमान वित्तीय वर्ष का करीब 5.58 करोड़ रुपये का अवशेष राजस्व है, जबकि अगले वित्तीय वर्ष के लिए करीब 11.61 करोड़ रुपये का निर्धारित राजस्व है। दोनों को मिलाकर करीब 17.19 करोड़ रुपये की राजस्व जिम्मेदारी नए आवंटी के हिस्से में आएगी।

प्रेरणा बिष्ट की कार्रवाई से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम

शास्त्रीनगर शराब ठेके पर हुई कार्रवाई में सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में शुरू हुई जांच निर्णायक साबित हुई। औचक निरीक्षण से शुरू हुआ मामला दस्तावेजों की जांच, उच्चस्तरीय कमेटी की पड़ताल और विधिक राय के बाद ठेके के निरस्तीकरण तक पहुंचा।अब उसी ठेके का नया आवंटन हो चुका है, लेकिन 220 पेटी बिना वैध परमिट शराब का मामला आबकारी विभाग की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर भी कई सवाल छोड़ गया है। विभाग के लिए चुनौती यह भी होगी कि भविष्य में शराब की आपूर्ति, परमिट और स्टॉक रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी दोबारा सामने न आए।

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