जोशीमठ के आगे दो दिन बाद खुला मलारी-नीति बॉर्डर मार्ग, बीआरओ की कड़ी मेहनत से बहाल हुई आवाजाही

देहरादून। सीमांत जनपद चमोली में स्थित नीति बॉर्डर मार्ग दो दिनों तक बाधित रहने के बाद आखिरकार यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। मार्ग बंद होने से जहां एक ओर सीमावर्ती गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी, वहीं दूसरी ओर सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को भी आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों क्षेत्र में खराब मौसम और भूस्खलन के चलते मार्ग पर भारी मलबा और चट्टानें आ गई थीं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दिन-रात लगातार राहत कार्य शुरू किया। BRO के जवानों और मशीनरी ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद युद्धस्तर पर काम करते हुए भारी मलबा हटाया। संकरे और संवेदनशील पहाड़ी मार्ग पर काम करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने समन्वय और दक्षता के साथ समय रहते सड़क को बहाल कर दिया।
मार्ग खुलने के साथ ही सीमा क्षेत्र में तैनात सेना और आईटीबीपी के जवानों ने राहत की सांस ली है। अब रसद, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति फिर से सुचारू हो सकेगी। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों के लिए भी बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही आसान हो गई है। प्रशासन ने बताया कि मार्ग पर अभी भी सतर्कता बरती जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत दूर किया जा सके। स्थानीय लोगों ने BRO के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में भी जिस तत्परता से सड़क को खोला गया, वह काबिले तारीफ है। अधिकारियों ने भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
