जिम्मेदारी : इंजीनियर अजय वर्मा ने संभाला टीएचडीसी में कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट्स) का दायित्व
विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना सहित टीएचडीसी की प्रमुख परियोजनाओं को मिलेगा उनके 38 वर्षों के अनुभव का लाभ

देहरादून। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में वरिष्ठ सिविल इंजीनियर एवं अनुभवी परियोजना विशेषज्ञ अजय वर्मा ने कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट्स) का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने आज यह जिम्मेदारी संभाली है। इससे पूर्व वह 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) के कार्यकारी निदेशक/परियोजना प्रमुख के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे। टीएचडीसी की मौजूदा आधिकारिक संगठनात्मक जानकारी में भी अजय वर्मा को कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट्स) के रूप में दर्ज किया गया है।
करीब 38 वर्षों के पेशेवर अनुभव वाले अजय वर्मा ने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान जलविद्युत, तापीय ऊर्जा, निर्माण, अनुबंध प्रबंधन, पुनर्वास, परियोजना नियोजन तथा गुणवत्ता नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया है। उन्होंने वर्ष 1988 में एमएस रमैया कॉलेज, बेंगलुरु से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली प्रोडक्टिविटी काउंसिल से कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा तथा आईआईएम इंदौर से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया।
1990 में टीएचडीसी से शुरू हुआ सफर
अजय वर्मा ने 30 जुलाई 1990 को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में इंजीनियर (ट्रेनी) के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। तीन दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में उन्होंने टिहरी बांध के स्पिलवे कार्य, कोटेश्वर बांध से जुड़े कार्यों, पुनर्वास, निर्माण, कॉरपोरेट कॉन्ट्रैक्ट, सतर्कता तथा परियोजना योजना एवं गुणवत्ता नियंत्रण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दिया। उन्होंने 3×8 मेगावाट के ढुकवान स्मॉल हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की कमीशनिंग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद 1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट में कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट तथा ऐश डाइक पैकेज से जुड़े कार्यों का दायित्व संभाला।
विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में निभाई अहम भूमिका
अजय वर्मा वर्ष 2023 से 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना के परियोजना प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे थे। उनके कार्यकाल में परियोजना के निर्माण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों में प्रगति हुई। हिमालयी क्षेत्र में संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के दौरान तकनीकी, भूगर्भीय, संविदात्मक और सामाजिक स्तर की जटिल चुनौतियों के समाधान में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीएचडीसी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पीपलकोटी परियोजना कार्यालय के परियोजना प्रमुख के रूप में अजय वर्मा की भूमिका दर्ज है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी वीपीएचईपी के तहत उनके नेतृत्व में गतिविधियां संचालित हुई हैं। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर परियोजना परिसर में पर्यावरण संरक्षण की शपथ, पौधरोपण और जूट बैग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
परियोजनाओं में बेहतर समन्वय की उम्मीद
कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट्स) के रूप में अजय वर्मा के व्यापक अनुभव का लाभ अब टीएचडीसी के विभिन्न निर्माणाधीन और आगामी परियोजनाओं को मिलने की उम्मीद है। परियोजना क्रियान्वयन, निर्माण प्रबंधन, अनुबंध, योजना, गुणवत्ता नियंत्रण और कमीशनिंग के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उनकी नई जिम्मेदारी को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति से टीएचडीसी की परियोजनाओं में बेहतर समन्वय, प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है। टीएचडीसी देश के ऊर्जा क्षेत्र में जलविद्युत के साथ-साथ सौर, पवन और तापीय ऊर्जा परियोजनाओं में भी सक्रिय है।
38 वर्षों के अनुभव के साथ कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट्स) की नई जिम्मेदारी संभालने वाले अजय वर्मा के सामने अब टीएचडीसी की परियोजनाओं को गति देने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और परियोजना लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से हासिल करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
