फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर एसटीएफ का एक और प्रहार, एक आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने ऊधमसिंहनगर जिले के सरवरखेड़ा क्षेत्र में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, दो कथित फर्जी शस्त्र लाइसेंस और एक कूटरचित आधार कार्ड बरामद किया गया है।
एसटीएफ के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की गहन जांच की जा रही है। इसी क्रम में काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान बुधवार को कार्रवाई करते हुए दानिश उर्फ दानू निवासी सरवरखेड़ा, थाना कुंडा को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी के पास से एक सेमी ऑटोमैटिक .30 बोर पिस्टल, एक सेमी ऑटोमैटिक .315 बोर रायफल, 17 जिंदा कारतूस, शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) से संबंधित दो संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस तथा एक कूटरचित आधार कार्ड बरामद किया गया है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक माह से एसटीएफ की टीमें इस नेटवर्क की परत-दर-परत जांच में जुटी हुई हैं और लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का कारोबार कानून व्यवस्था और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ के अनुसार अब तक इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में चार मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। दस आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही 16 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस और बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस संबंधी कोई भी सूचना तत्काल पुलिस अथवा एसटीएफ को उपलब्ध कराएं। सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
