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देहरादून से राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- पेपर लीक देश के युवाओं के भविष्य पर सबसे बड़ा हमला

देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ महारैली को संबोधित करते हुए देशभर में बढ़ती पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक अब केवल किसी एक राज्य की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे देश में फैली एक गंभीर “राष्ट्रीय महामारी” का रूप ले चुकी है, जिसने करोड़ों युवाओं और उनके परिवारों के सपनों को प्रभावित किया है।

राहुल गांधी ने कहा कि वर्षों की कठिन मेहनत के बाद जब परीक्षाएं पेपर लीक के कारण रद्द होती हैं या परिणामों पर सवाल उठते हैं, तो इसका सबसे अधिक नुकसान उन मेहनती छात्रों को उठाना पड़ता है, जिन्होंने अपने भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत की होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के पीछे सक्रिय संगठित नेटवर्क युवाओं की मेहनत और उम्मीदों का सौदा कर रहा है, जबकि दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई का अभाव दिखाई देता है। राहुल गांधी ने कहा कि हर वर्ष लगभग 9 करोड़ युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, जबकि सरकारी नौकरियों की संख्या केवल करीब 6 लाख के आसपास होती है। ऐसे में प्रतियोगिता पहले से ही बेहद कठिन है और यदि परीक्षाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल उठें तो युवाओं का विश्वास टूटना स्वाभाविक है।

पीड़ित छात्रों ने साझा किया दर्द
महारैली के दौरान राहुल गांधी के साथ मंच पर ऐसे छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे, जिनका भविष्य पेपर लीक अथवा परीक्षाओं के रद्द होने से प्रभावित हुआ। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब पेपर लीक से उपजे मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया थापा के पिता ने अपनी बेटी की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्षों की मेहनत एक झटके में समाप्त हो गई और परिवार को अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ा। इस दौरान उपस्थित हजारों लोगों ने भावुक होकर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का रखा विजन
राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित निगरानी, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही तय करना आवश्यक है। साथ ही शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक और व्यावसायिक हस्तक्षेप से मुक्त रखते हुए विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और समान अवसर मिलने चाहिए। तभी देश की प्रतिभा का सही उपयोग हो सकेगा और युवाओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।

देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनी देहरादून रैली
राहुल गांधी ने बताया कि पेपर लीक और शिक्षा सुधार को लेकर शुरू किया गया यह अभियान देशभर में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस की प्रदेश इकाइयों के माध्यम से यह आंदोलन सड़क से लेकर संसद तक लगातार जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से इस लड़ाई में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल नौकरियों का नहीं, बल्कि देश के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का है।
देहरादून में आयोजित इस महारैली में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, करन महरा,, समेत अन्य नेता, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने, दोषियों को कड़ी सजा देने तथा भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

 

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