धामी कैबिनेट के 12 अहम फैसलों पर मुहर, शिक्षा, पर्यटन, उपनल कर्मियों और चारधाम यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए हुई। मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैबिनेट ने संस्कृत शिक्षा विभाग की नियमावली-2025 में संशोधन करते हुए विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से निर्मित की जाने वाली सड़कों के टेंडरों में मिलने वाली दरों को बढ़ाने का निर्णय लिया गया, जिससे ठेकेदारों को राहत मिलेगी। नई शिक्षा नीति के तहत उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। वहीं आबकारी नियमावली में संशोधन करते हुए होलोग्राम निर्माण पर लगने वाले वैट और सेस में से केवल एक कर लागू करने का फैसला लिया गया।
कृषि विभाग के अंतर्गत सौगंध पौधा केंद्र में खरीदे जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता एवं मिलावट की जांच के लिए पांच विशेषज्ञ पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई। पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर अंतरराष्ट्रीय हिमालय कार रैली के आयोजन को भी स्वीकृति दी गई, जिसका संचालन ड्रीम फायरफॉक्स कंपनी द्वारा किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत उपनल कर्मियों के समान कार्य-समान वेतन मामले में कटऑफ तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 कर दी गई है। गृह विभाग के तहत कारागार विभाग में आदतन अपराधी की परिभाषा से संबंधित प्रस्ताव तथा कारागार कर्मियों की नई सेवा नियमावली को भी मंजूरी मिल गई।
कैबिनेट ने राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण के तहत उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वर्ष 2024 की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में प्रमाण-पत्र सत्यापन के लिए अतिरिक्त समय देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। चारधाम यात्रा में संचालित घोड़े-खच्चरों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने उनके बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत व्यय स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है। कुल 5.25 करोड़ रुपये के बीमा खर्च में से 1.05 करोड़ रुपये सरकार देगी। इसके अलावा पशुपालन विभाग के अंतर्गत दुधारू पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान की वर्तमान व्यवस्था के स्थान पर नए पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट के इन निर्णयों को राज्य के विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और पशुपालन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
