Uttarakhandउत्तराखंडकैबिनेट बैठक

धामी कैबिनेट के 13 बड़े फैसले: सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में छूट, बाढ़ मैदानों के नियमन को मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्टूबर को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, युवाओं के हित और जनकल्याण से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली, बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना और स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता समेत कई अहम निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी देने के साथ ही अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नया विधेयक लाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा हरिद्वार के प्राच्य शोध संस्थान के विकास, सरकारी परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय के वितरण और किफायती आवासीय परियोजना से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।

सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी राहत
कैबिनेट ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली-2026 को मंजूरी दी। पूर्व में वर्ष 2025 की नियमावली के तहत सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के साथ अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप नई नियमावली तैयार की गई है। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विकास गतिविधियां होंगी नियंत्रित

प्रदेश में बाढ़ के जोखिम को कम करने और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसके माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और बाढ़ से आबादी, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को होने वाले नुकसान की आशंका कम करना है।

छोटे अपराधों में मिलेगी राहत, कारोबार करना होगा आसान
कैबिनेट ने द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। इस विधेयक के माध्यम से छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने तथा अप्रचलित और अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में कारोबार और व्यापारिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है।

अग्निशमन सेवाओं के लिए आएगा नया कानून
प्रदेश में बढ़ते नगरीकरण, औद्योगिक विकास और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं तथा आपदाओं की चुनौतियों को देखते हुए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल-2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके माध्यम से वर्तमान अग्निशमन संबंधी अधिनियम को पुनरीक्षित कर आपात सेवाओं की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रस्ताव है।

बहादुर बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी। योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य साहसी बच्चों के योगदान को पहचान देना और उन्हें प्रोत्साहित करने के साथ अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।

हरिद्वार के प्राच्य शोध संस्थान का होगा विस्तार
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित एजेंसियों को
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम-2023 की धारा 49 के तहत अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्वजल और जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता
कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता एक मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पहले की तरह वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा।

हरिद्वार में किफायती आवास परियोजना को राहत
हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित नौ मीटर चौड़े मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए तीन मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है।

विधानसभा का तृतीय सत्र बुलाने का निर्णय
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत वित्तीय हस्तपुस्तिका के संबंधित प्रावधान में विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई। शासनादेश में गलत दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी। बैठक में उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप केंद्र से सहयोग की अपेक्षा जताई गई।

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