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NPS-UPS के विरोध में प्रदेशभर में गरजे कर्मचारी, पुतले फूंककर OPS बहाली की उठाई मांग

देहरादून। उत्तराखंड में नई और एकीकृत पेंशन व्यवस्था (NPS/UPS) के विरोध तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदेशभर में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS) उत्तराखंड के आह्वान पर प्रदेश के सभी 13 जनपदों, विकासखंड मुख्यालयों, सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में कर्मचारियों ने NPS/UPS की प्रतियां जलाकर तथा पुतले दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘पुरानी पेंशन बहाल करो’, ‘NPS-UPS वापस लो’ और ‘कर्मचारियों को OPS दो’ जैसे नारे लगाए। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने कार्यक्रमों में भाग लेकर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग सरकार के समक्ष रखी।
NMOPS ने एक अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के लिए इसलिए चुना क्योंकि संगठन के अनुसार 1 अक्टूबर 2005 से उत्तराखंड में नई पेंशन व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों की पारंपरिक पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त हुई थी। संगठन ने इस दिन को पेंशन अधिकारों से जुड़े संघर्ष के महत्वपूर्ण दिवस के रूप में मनाते हुए NPS और UPS के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।
OPS को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ रहा संगठन
NMOPS के प्रदेश अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली और प्रदेश महासचिव इंजीनियर मुकेश रतूड़ी ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य से जुड़ा विषय है। उनका कहना है कि कर्मचारी अपने सेवाकाल में सरकार के विभिन्न विभागों में वर्षों तक सेवाएं देते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक पेंशन की व्यवस्था आवश्यक है।
प्रदेश महासचिव मुकेश रतूड़ी ने कहा कि प्रदेशभर में आयोजित आज का प्रदर्शन कर्मचारियों की भावना को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि NMOPS शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठा रहा है और यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
देहरादून में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी जुटे
राजधानी देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में NMOPS के प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली, प्रांतीय महासचिव इंजीनियर मुकेश रतूड़ी, कोषाध्यक्ष इंजीनियर शांतनु शर्मा, महिला अध्यक्ष उर्मिला द्विवेदी, प्रचार सचिव हर्षवर्धन जमलोकी, इंजीनियर अनिल सिंह पंवार, विजेंद्र सिंह कंडारी, इंजीनियर सुरेंद्र श्रीकोटि, इंजीनियर गोपाल सिंह, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष विकास कुमार शर्मा सहित विभिन्न पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सचिवालय में भी कर्मचारियों ने NPS/UPS के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में रणजीत रावत, अनुज शेखर चमोली, कपिल गंगवार, ओमिश कुमार, दिशांत सिंह, अभिनव भट्ट, दीप कांडपाल, अजीत परमार, मुकेश रावत, वीरेंद्र रावत, कमलेश बुड़लाकोटी, दिव्यांशु डोभाल (संयुक्त सचिव, सचिवालय संघ), नवीन, नेगी, विनय कुमार, राजेंद्र रतूड़ी (महासचिव, सचिवालय संघ), प्रमिला टम्टा (महिला उपाध्यक्ष, सचिवालय संघ), हुकम सिंह चौहान (अध्यक्ष, समीक्षा अधिकारी संघ), बच्ची सिंह, सुनील लखेड़ा (पूर्व अध्यक्ष, सचिवालय संघ), महेश सिंह धर्मशक्तू सहित कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।
देहरादून जनपद से संतोष गड़ोही और विनोद मल सहित जिला पदाधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारी नेताओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
13 जिलों में गूंजा पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा
NMOPS के अनुसार देहरादून सहित प्रदेश के सभी 13 जनपदों में जिला, मंडल और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर कर्मचारियों ने रैली निकालकर पुतला दहन किया, जबकि सरकारी कार्यालयों एवं विद्यालयों में कर्मचारियों ने एकत्र होकर NPS/UPS की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया।
संगठन ने कहा कि कार्यक्रमों में विभिन्न कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी सहभागिता की। NMOPS के अनुसार पुरानी पेंशन का मुद्दा किसी एक विभाग या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।


NMOPS पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन पूर्व में पेंशन मार्च, मुख्यमंत्री आवास घेराव सहित विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा चुका है। संगठन का कहना है कि मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता में भी पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में प्रयास किए जाने का आश्वासन मिला था। अब संगठन सरकार से इस दिशा में ठोस निर्णय लेने की अपेक्षा कर रहा है।
‘ठोस निर्णय होने तक जारी रहेगा आंदोलन’
प्रदेश अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने प्रदेशभर के कर्मचारियों और पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि एक अक्टूबर को हुए कार्यक्रमों में कर्मचारियों की व्यापक भागीदारी ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग के प्रति उनकी एकजुटता को सामने रखा है।
उन्होंने कहा कि NMOPS का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था की मांग सरकार तक पहुंचाना है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में ठोस निर्णय होने तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों ने भविष्य के आंदोलनों में भी एकजुट होकर भाग लेने का संकल्प लिया।

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