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एसआईआर ड्राफ्ट मतदाता सूची पर उठे सवाल: 27 लाख मतदाताओं पर संशय, 19 लाख में विसंगतियां, 8.26 लाख एएसडी श्रेणी में

देहरादून । उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर कई अहम सवाल सामने आए हैं। 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में प्रदेश के 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं। इसके अलावा लगभग 8 लाख 26 हजार मतदाता एएसडी (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इन दोनों आंकड़ों को जोड़ने पर करीब 27 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड पर किसी न किसी स्तर पर जांच, सत्यापन या संशोधन की आवश्यकता सामने आ रही है।

इसी बीच बुधवार को सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति सौंपी। उन्होंने पहले चरण के विशेष गहन पुनरीक्षण में राजनीतिक दलों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए आगामी चरण में भी सक्रिय भागीदारी की अपील की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण पूरा होने के बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। अब 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक मतदाता फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से नए नाम जोड़ने, नाम हटाने अथवा संशोधन के लिए दावा एवं आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस जारी करने और दावों-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी, जबकि 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य में पहले 11,733 मतदान केंद्र थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर 12,543 कर दी गई है। नए मतदाताओं को सुविधा देने के लिए प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को 100-100 फॉर्म-6 उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि जिन पात्र नागरिकों का नाम किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें दोबारा अवसर मिल सके। चुनाव आयोग ने नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। अब कोई भी व्यक्ति फॉर्म-7 के माध्यम से अधिकतम पांच मतदाताओं के नाम हटाने संबंधी आक्षेप ही दर्ज करा सकेगा। यदि कोई व्यक्ति पांच से अधिक नाम हटाने के लिए आवेदन करता है तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) प्रत्येक मामले की व्यक्तिगत जांच कराएंगे, ताकि अनावश्यक या सामूहिक आपत्तियों पर रोक लगाई जा सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान ड्राफ्ट सूची में शामिल लगभग 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां मिली हैं। ऐसे सभी मामलों में संबंधित ईआरओ और एईआरओ द्वारा नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि नोटिस की प्रक्रिया के दौरान उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मतदाता सूची अधिक से अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बन सके।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रमुख तथ्य
-ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल मतदाता: 71,33,785
एएसडी (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी के मतदाता: 8.26 लाख
-रिकॉर्ड में विसंगति वाले मतदाता: लगभग 19 लाख
दोनों श्रेणियों को मिलाकर जांच/सत्यापन के दायरे में करीब 27 लाख मतदाता
-मतदान केंद्र बढ़कर: 11,733 से 12,543
दावे एवं आपत्तियां: 14 जुलाई–13 अगस्त 2026
-निस्तारण: 14 जुलाई–11 सितंबर 2026
-अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 15 सितंबर 2026

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