यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर SDRF ने बचाई श्रद्धालु की जान अचेत श्रद्धालु को 2 किमी पैदल स्ट्रेचर से पहुंचाया अस्पताल

देहरादून। स्टेट डिज़ास्टर रिस्पांस फ़ोर्स उत्तराखंड की त्वरित कार्यवाही, मानवीय संवेदनशीलता और दक्षता के चलते यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर एक श्रद्धालु की जान बच गई। बुधवार शाम यम द्वार के समीप एक श्रद्धालु अचानक अचेत होकर गिर पड़ा, जिसके बाद SDRF टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, 27 मई 2026 को लगभग शाम 6:05 बजे SDRF पोस्ट राममंदिर, जानकीचट्टी को यात्रियों द्वारा सूचना दी गई कि यम द्वार के पास एक श्रद्धालु अचेत अवस्था में पड़ा है और उसे तत्काल सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही पोस्ट प्रभारी एएसआई पंकज घिल्डियाल के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। SDRF टीम ने लगभग दो किलोमीटर के दुर्गम पैदल मार्ग को तेजी से पार करते हुए मौके पर पहुंचकर देखा कि श्रद्धालु की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक थकान और ऊंचाई के प्रभाव के कारण श्रद्धालु अचेत हो गया था। टीम ने तत्काल ऑक्सीजन सहायता उपलब्ध कराते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF जवानों ने श्रद्धालु को स्ट्रेचर के माध्यम से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जानकीचट्टी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार प्रारंभ किया गया। SDRF की तत्परता और समय पर उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सहायता के चलते श्रद्धालु का जीवन सुरक्षित बचाया जा सका। रेस्क्यू अभियान में एएसआई पंकज घिल्डियाल, कांस्टेबल प्रदीप मेहता, कांस्टेबल अनिल सिंह, कांस्टेबल अनुप सिंह, पीएम आशीष भंडारी, होमगार्ड गौतम राम, सुखदेव सिंह और ममलेश सिंह शामिल रहे।
