सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित

देहरादून। पीएम श्री विद्यालयों के लिए सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम (SEL) आधारित पाठ्यचर्या विकसित किए जाने के उद्देश्य से मंगलवार को एससीईआरटी ऑडिटोरियम, देहरादून में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तराखंड आकांक्षा कोंडे ने की।

अपने संबोधन में डीजी आकांक्षा कोंडे ने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनका मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त होना भी आवश्यक है। SEL विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, सहानुभूति, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और सकारात्मक निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। कार्यशाला के दौरान हरिद्वार जनपद के भगवानपुर विकासखंड के शिक्षकों द्वारा प्रकाशित ‘आनन्दिता’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। उन्होंने विद्यालयों में आनन्दम् एवं SEL आधारित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए नवाचारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखंड बन्दना गब्र्याल ने बताया कि वर्ष 2019 से संचालित ‘आनन्दम्’ पाठ्यचर्या के अनुभवों के आधार पर अब कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए SEL आधारित पाठ्यचर्या विकसित की जा रही है। वहीं राज्य नोडल अधिकारी ‘आनन्दम्’ डॉ. बी.पी. मैंदोली ने कहा कि यह पाठ्यचर्या राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, मनोदर्पण एवं उम्मीद दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की जा रही है। कार्यशाला में पीएम श्री विद्यालयों में माइंड एंड वेलनेस सेल की स्थापना, सुरक्षित एवं सकारात्मक विद्यालयी वातावरण, परामर्श सेवाओं, योग तथा रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला एवं खंड स्तरीय शिक्षा अधिकारियों, डायट प्राचार्यों, शिक्षकों तथा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
