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आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, 52 प्रभावितों को 21 करोड़ मुआवजा

देहरादून। शहर के यातायात को सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में बहुप्रतीक्षित आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने अब गति पकड़ ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के तहत संचालित इस परियोजना में न केवल निर्माण कार्य तेज हुआ है, बल्कि प्रभावितों को मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया भी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है।

410 में से 52 संपत्तियों का निस्तारण, 21 करोड़ का भुगतान
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अनुसार, परियोजना से प्रभावित कुल 410 संपत्तियों में से अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। मुआवजा प्राप्त करने के बाद इन संपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी गई है। कई प्रभावितों ने स्वेच्छा से अपने निर्माण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिससे परियोजना को गति मिली है।

34 और संपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू
एमडीडीए द्वारा शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का तेजी से परीक्षण किया जा रहा है। 34 संपत्ति धारकों के दस्तावेजों की जांच पूरी हो चुकी है और उनकी रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पात्र प्रभावितों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से चलाई जा रही है।

नया आढ़त बाजार अंतिम चरण में
परियोजना के तहत विकसित हो रहा नया आढ़त बाजार अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यहां पार्किंग व्यवस्था लगभग 95 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य विकास कार्य 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नया बाजार व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और शहर के भीतर यातायात दबाव को कम करेगा।

यातायात सुधार के साथ शहरी विकास को बढ़ावा
सड़क चौड़ीकरण से आढ़त बाजार–तहसील चौक मार्ग पर जाम की समस्या में कमी आएगी और आवागमन सुगम होगा। यह परियोजना देहरादून के समग्र शहरी विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को भी मजबूत करेगी।

प्रभावितों का बढ़ा भरोसा, पारदर्शिता बनी आधार
मुआवजा वितरण और पुनर्वास की पारदर्शी प्रक्रिया के चलते प्रभावितों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। कई लोगों ने प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए स्वेच्छा से अपनी संपत्तियां हटाईं, जो इस परियोजना की सफलता का संकेत है।

अधिकारियों का दावा—जल्द पूरा होगा कार्य
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है और सभी प्रभावितों को समयबद्ध तरीके से मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं, सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण तेजी से जारी है और सभी कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।

कुल मिलाकर, आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। मुआवजा वितरण में पारदर्शिता और निर्माण कार्यों की रफ्तार ने यह साफ कर दिया है कि देहरादून में यातायात सुधार और शहरी विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

 

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