उत्तराखंड को केंद्रीय पूल से मिलेगी अतिरिक्त बिजली अक्टूबर से मार्च तक 73 मेगावाट अतिरिक्त आवंटन

देहरादून। सर्दियों के दौरान उत्तराखंड में बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को केंद्रीय क्षेत्र के विद्युत उत्पादन केंद्रों के अनआवंटित विद्युत पूल से अतिरिक्त बिजली आवंटित करने की मंजूरी दी है। यह अतिरिक्त बिजली आवंटन एक अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा। छह माह की अवधि में उत्तराखंड को कुल 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी।
केंद्र के आदेश के अनुसार सर्दियों के महीनों में बिजली की जरूरत के अनुरूप अलग-अलग मात्रा में अतिरिक्त विद्युत आवंटित की गई है। अक्टूबर 2026 में 5 मेगावाट, नवंबर में 8 मेगावाट, दिसंबर में 16 मेगावाट, जनवरी 2027 में 19 मेगावाट, फरवरी में 16 मेगावाट तथा मार्च 2027 में 9 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्तराखंड को मिलेगी। इसमें सबसे अधिक 19 मेगावाट बिजली जनवरी 2027 में आवंटित की गई है। वहीं दिसंबर और फरवरी में 16-16 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी। इस तरह सर्दियों के छह महीनों में कुल 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का प्रावधान किया गया है।
राज्य में बिजली की बढ़ती मांग के बीच राहत
उत्तराखंड में सर्दियों के दौरान बिजली की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। मैदानी क्षेत्रों में तापमान गिरने के साथ ही हीटर, गीजर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ता है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में भी घरेलू एवं व्यावसायिक विद्युत खपत बढ़ जाती है। इसके अलावा पर्यटन और चारधाम यात्रा के दूसरे चरण के दौरान भी कई क्षेत्रों में विद्युत मांग बनी रहती है। ऐसे में केंद्रीय पूल से मिलने वाली अतिरिक्त बिजली राज्य की उपलब्ध विद्युत क्षमता को मजबूत करने में मदद करेगी। इससे मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को कम करने तथा पीक अवधि में विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने पीएम का जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सर्दियों की विद्युत आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बिजली आवंटित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों में प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध कराए जाने से राज्य को काफी सहायता मिलेगी और प्रदेश में निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजल मिलने से आगामी सर्दियों में विद्युत व्यवस्था पर बढ़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। खासकर जनवरी और फरवरी में जब बिजली की मांग अधिक रहने की संभावना रहती है, उस दौरान अतिरिक्त आवंटन राज्य की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा।
