प्रदेश में हवाई नेटवर्क के बड़े विस्तार की तैयारी, पराग फार्म में बनेगी एविएशन एकेडमी

देहरादून। उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को देहरादून से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ने, हेलिपोर्ट और हेलीपैड का व्यापक नेटवर्क विकसित करने तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के लिए हवाई सेवाएं लाइफलाइन हैं। इसलिए प्रदेश को हेलिपोर्ट और हेलीपैड से “सैचुरेट” करने की आवश्यकता है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने पौड़ी जिले को नियमित हवाई सेवा से जोड़ने और पर्यटन नगरी लैंसडाउन के लिए भी हवाई कनेक्टिविटी की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा विकसित करने के लिए ऊधमसिंह नगर स्थित पराग फार्म में राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी स्थापित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा।
मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) सिस्टम की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में बढ़ती हवाई सेवाओं को देखते हुए सुरक्षित संचालन के लिए आधुनिक एटीसी नेटवर्क विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने युकाडा को प्रदेशभर में एटीसी व्यवस्था के विस्तार का लक्ष्य तय कर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा। उन्होंने हवाई यात्राओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) और पीटीजेड कैमरे स्थापित करने के निर्देश भी दिए तथा इस संबंध में भारत मौसम विज्ञान विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा।
मुख्य सचिव ने सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में हवाई सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर देते हुए गुंजी और आदि कैलाश क्षेत्र में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए एयर स्ट्रिप अथवा हेलीपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा। उन्होंने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य की समीक्षा करते हुए कुमाऊं क्षेत्र के लिए व्यापक हवाई कनेक्टिविटी योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उन्होंने भारत सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत सभी जनपदों के लिए नए हवाई मार्गों का प्रस्ताव भेजने को भी कहा।
बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, युकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
