चारधाम-हेमकुंड यात्रा विवाद को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाई, सरकार ने दिए जांच के निर्देश

देहरादून। चारधाम एवं श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हाल ही में सामने आए एक विवादित प्रकरण को लेकर उत्तराखण्ड सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले को किसी भी प्रकार से धार्मिक या सांप्रदायिक विवाद का स्वरूप देना उचित नहीं है। सरकार ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से मामले को सांप्रदायिक रंग देकर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गृह सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला दो पक्षों के बीच हुए विवाद एवं भावनात्मक आवेश से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखण्ड सभी धर्मों और आस्थाओं के सम्मान की भूमि है तथा राज्य की पहचान सद्भाव, शांति और सामाजिक समरसता से रही है। ऐसे में किसी भी घटना को सांप्रदायिक रूप देकर सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए आईजी गढ़वाल को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सुनने और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पूरे मामले की स्थिति रिपोर्ट एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से भी तलब की गई है।
शिकायत निवारण व्यवस्था होगी और मजबूत
गृह सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संचालित शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। वर्तमान में कार्यरत चारधाम सेल को अब श्री हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा तथा यात्रा अवधि के दौरान यह व्यवस्था 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रहेगी।
सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने वालों पर नजर
शैलेश बगोली ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कर या मामले को सांप्रदायिक रंग देकर प्रदेश का वातावरण खराब करने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों और समूहों की पहचान की जा रही है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश आईजी गढ़वाल को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी साझा करने अथवा सामाजिक वैमनस्य पैदा करने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता
गृह सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार एवं पुलिस प्रशासन चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी विवाद या शिकायत का समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया जाएगा तथा कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और संबंधित पक्षों से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति में प्रशासन और पुलिस द्वारा स्थापित वैधानिक व्यवस्था का ही सहारा लें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार का मानना है कि चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी है, जिसे हर हाल में सुरक्षित बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
