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कड़ी कार्रवाई: “ऑपरेशन प्रहार” में दून पुलिस की बड़ी कामयाबी, छात्र हत्याकांड के 25-25 हजार के दो ईनामी अभियुक्त पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

देहरादून। राजधानी देहरादून में छात्र की हत्या के सनसनीखेज मामले में दून पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त समेत दो ईनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए अब कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।

प्रेमनगर क्षेत्र के केहरी गांव में 23 मार्च 2026 की रात छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक मारपीट में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के परिजनों की तहरीर पर कोतवाली प्रेमनगर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों—युवराज कुमार, मधुर खंडेलवाल, शिवम शर्मा और अंकित भारद्वाज—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पूछताछ और विवेचना के दौरान दो अन्य आरोपियों के नाम सामने आए, जो घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे।

25-25 हजार का था इनाम, राज्यों में बदल रहे थे ठिकाने
फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने पर एसएसपी देहरादून ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे।

पश्चिम बंगाल के रिसॉर्ट से दबोचे गए आरोपी
थाना प्रेमनगर और एसओजी की संयुक्त टीम ने सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर पश्चिम बंगाल के पुरूलिया स्थित एक रिसॉर्ट में छापा मारकर मुख्य अभियुक्त प्रहलाद राज और उसके साथी अंकुर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
प्रहलाद राज पुत्र विनय सिंह, निवासी नवादा (बिहार), हाल निवासी सैनिक कॉलोनी फेज-2, प्रेमनगर — मुख्य अभियुक्त अंकुर सिंह पुत्र पुरुषोत्तम कुमार, निवासी गोपालपुर (बिहार), हाल निवासी सैनिक कॉलोनी फेज-2, प्रेमनगर का रहने वाला है।

एसएसपी की रणनीति रंग लाई

“ऑपरेशन प्रहार” के तहत एसएसपी देहरादून द्वारा वांछित और सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान का यह बड़ा परिणाम माना जा रहा है। पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा लगातार गैर-प्रांतों में दबिश देकर आखिरकार आरोपियों को पकड़ लिया गया।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रेमनगर, एसओजी और अन्य इकाइयों की टीम ने समन्वय के साथ काम करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अपराध कर भागना अब नामुमकिन है। दून पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराध कर फरार होना अब आसान नहीं है। पुलिस की नजर से बच पाना नामुमकिन है और कानून के हाथ बहुत लंबे हैं।

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