भागीरथी में बह रहे युवक को पुलिस और बोट संचालक ने बचाया, साहसिक रेस्क्यू से बची जान

देहरादून। उत्तरकाशी में एसओजी पुलिस जवान और बोट संचालक की तत्परता एवं बहादुरी से एक युवक की जान बच गई। गुरुवार शाम मणिकर्णिका घाट के पास भागीरथी नदी में बह रहे युवक को तेज बहाव के बीच मनेरी भाली द्वितीय के बैराज में साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, 22 मई 2026 की शाम करीब 4:20 बजे मणिकर्णिका घाट के समीप एक व्यक्ति अचानक भागीरथी नदी में बह गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया। करीब 200 मीटर आगे जोशियाडा मोटर पुल के पास दैनिक निगरानी ड्यूटी पर तैनात एसओजी उत्तरकाशी के आरक्षी काशीष भट्ट ने लोगों की आवाज सुनते ही बिना समय गंवाए तुरंत जोशियाडा झील में छलांग लगा दी और बोट संचालक संदीप रावत के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार युवक की तलाश करती रही। बताया गया कि जब डूब रहे व्यक्ति के केवल हाथ की उंगलियां दिखाई दे रही थीं, तब आरक्षी काशीष भट्ट और बोट संचालक संदीप रावत ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के बाद युवक को तत्काल कोतवाली उत्तरकाशी पुलिस के सुपुर्द कर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। बाद में पुलिस ने परिजनों को अस्पताल बुलाकर युवक को उनके सुपुर्द कर दिया। रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान मनोहरी लाल (33) पुत्र खुशीराम निवासी ग्राम भैलूडा, उत्तरकाशी के रूप में हुई है। इस साहसिक रेस्क्यू की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए पुलिस टीम और बोट संचालक की तत्परता को मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
रेस्क्यू अभियान में शामिल टीम
उपनिरीक्षक निखिल देव चौधरी, प्रभारी एसओजी, आरक्षी काशीष भट्ट, एसओजी, आरक्षी सुनील मैठानी, आरक्षी दीपक चौहान, कोतवाली उत्तरकाशी, बोट संचालक संदीप रावत शामिल थे।
