बड़ी खबर….मैक्स अस्पताल पर ₹10 लाख मुआवजा, डॉक्टर का पंजीकरण दो माह निलंबित

देहरादून। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने चिकित्सकीय कदाचार के एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मैक्स अस्पताल, मसूरी डाइवर्जन रोड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। काउंसिल ने उपचार में घोर लापरवाही पाए जाने पर अस्पताल को मृतका के परिजनों को ₹10 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है, जबकि मुख्य उपचारकर्ता डॉक्टर का पंजीकरण दो माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।
यह मामला कर्नल अमित कुमार दोउली द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने अपनी पत्नी बिन्देश्वरी देवी की 4 अप्रैल 2025 को उपचार के दौरान हुई मृत्यु के बाद अस्पताल एवं चिकित्सकों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की नैतिकता, अनुशासन एवं पंजीकरण समिति ने मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार नोट्स, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल एवं अन्य साक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा के बाद पाया कि इलाज के दौरान आवश्यक सतर्कता नहीं बरती गई। जांच में यह भी सामने आया कि समय पर चिकित्सकीय निर्णय न लेने और प्रोटोकॉल के उल्लंघन से मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। काउंसिल की जांच में डॉ. आनंद मोहन ठाकुर, डॉ. मुकेश बिष्ट एवं डॉ. अपूर्वा रंजन द्वारा उपचार में लापरवाही की पुष्टि हुई।काउंसिल के आदेश के अनुसार डॉ. आनंद मोहन ठाकुर (पंजीकरण संख्या 8540) का पंजीकरण दो माह के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि के दौरान वे किसी भी अस्पताल, नर्सिंग होम अथवा चिकित्सा संस्थान में मरीजों का उपचार नहीं कर सकेंगे।
मैक्स अस्पताल को निर्देशित किया गया है कि वह मृतका के पति कर्नल अमित कुमार को ₹10 लाख की मुआवजा राशि का भुगतान करे। काउंसिल ने स्पष्ट किया कि निजी चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी मरीजों के प्रति और अधिक बढ़ जाती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मैक्स अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि अभी तक उन्हें मेडिकल काउंसिल का आदेश औपचारिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश की प्रति मिलने और उसके अध्ययन के बाद ही आगे की प्रतिक्रिया दी जाएगी।
उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई मरीजों के अधिकारों की रक्षा, चिकित्सा सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने और चिकित्सा नैतिकता को मजबूत करने की दिशा में की गई है। काउंसिल ने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
