उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था सुधार को लेकर सख्ती, नए सत्र से मुफ्त पाठ्यपुस्तक वितरण और नामांकन बढ़ाने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा विभाग की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए निर्देश दिए कि राज्य के सभी राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण अभियान चलाया जाए। उन्होंने बताया कि पहले दिन ही लाखों पुस्तकों का वितरण किया जा चुका है और शेष छात्रों को भी एक सप्ताह के भीतर पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक जनपद और विकासखंड स्तर पर फोटो और वीडियो के माध्यम से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा मंत्री ने 7 अप्रैल को प्रदेश के सभी विद्यालयों में ‘प्रवेशोत्सव’ कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसके तहत नामांकन बढ़ाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। शिक्षकों और अधिकारियों को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर सभी विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, विद्युत कनेक्शन आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन विद्यालयों में सुविधाओं की कमी है, उनकी सूची एक सप्ताह के भीतर तैयार कर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए।
शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने और नई कार्यदायी संस्थाओं के चयन में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। साथ ही अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सूचनाओं को एक सप्ताह के भीतर मानव संसाधन पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया है।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि क्षय रोग (टीबी) से संबंधित जागरूकता अभियान चलाया जाए और संदिग्ध मामलों में त्वरित जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही विभागीय शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य और जनपद स्तर पर टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
