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प्रेमनगर में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला भी हुआ और पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया, किस अफसर ने की आरोपियों की पैरवी

देहरादून। राजधानी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित केहरी गांव में गत देर रात मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष के युवक पर पहले विवाद और हाथापाई हुई और कुछ देर बाद 15 से 20 लोगों को साथ लेकर उस पर कथित रूप से हमला कर दिया गया। घटना में भाजपा नेता नवीन कुमार भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और मेडिकल रिपोर्ट में सिर में दो स्थानों पर फ्रैक्चर बताए जाने का दावा किया गया है। लेकिन, उलटा मुकदमा भाजपा नेता समेत उनके परिजनों पर हुआ है। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लाजमी है। हालांकि चर्चा है कि किसी महिला अफसर की सिफारिश पर यह कार्रवाई हुई है, लेकिन पुलिस इससे इंकार कर रही है। उधर, मामले में भाजपा नेता नवीन कुमार की तरफ से भी मेडिकल रिपोर्ट के साथ तहरीर दी गई थी, किन्तु इस पर फिलहाल कार्रवाई नहीं हुई है।

 

सोशल मीडिया में हॉकी और डंडे लहराते वीडियो वायरल 

घटना के बाद गत रात्रि से ही सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मारपीट करते हुए लोगों के हाथों में हॉकी, लाठी, डंडे और पत्थर उठाते हुए देखे जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। जिसमें साफ दिख रहा की किस तरह से सारे राह में मारपीट के साथ गाली गलौज हो रही है। वीडियो में मारपीट कर रहे लोगों को देखकर लग रहा कि उनको कानून का जरा भी डर नहीं है।

…तो शराब के नशे में गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार घटना रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच की बताई गई है। आरोप है कि सुमित कुमार खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहे थे। इसी दौरान रास्ते में रितिक पुत्र स्वर्गीय भगवान सिंह, निवासी केहरी गांव खड़ा था। आरोप है कि रितिक ने सुमित के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। सुमित द्वारा इसका विरोध करने पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। तहरीर के मुताबिक इसके बाद रितिक वहां से चला गया, लेकिन विवाद वहीं खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि करीब पांच से दस मिनट बाद रितिक 15 से 20 लोगों को साथ लेकर वापस आया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि इन लोगों के हाथों में बेसबॉल के डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियार थे। इसके बाद सुमित पर हमला कर दिया गया।

जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटने का आरोप, 
आरोप है कि हमलावरों ने सुमित को जमीन पर गिरा दिया और लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसी दौरान सुमित को बचाने के लिए उनके चाचा और भाजपा नेता नवीन कुमार पुत्र स्वर्गीय रामस्वरूप मौके पर पहुंचे। तहरीर के अनुसार नवीन कुमार ने भतीजे को बचाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उन्हें भी घेर लिया और सिर व माथे पर गंभीर वार किए। आरोप है कि जान से मारने की नीयत से उनके सिर पर कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए

मेडिकल रिपोर्ट में भाजपा नेता के सिर पर गंभीर फ्रैक्चर 

घटना के बाद घायल पक्ष ने पुलिस को सूचना दी। घायलों को पहले प्रेमनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें दून मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद राजीव कुमार उन्हें अपनी कार से दून मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। तहरीर के साथ संलग्न मेडिकल रिपोर्ट में नवीन कुमार के सिर की चोटों का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार सिर पर गंभीर चोट के साथ सीटी स्कैन और एक्स-रे में सिर में दो स्थानों पर फ्रैक्चर बताए गए हैं। रिपोर्ट में उनकी स्थिति गंभीर होने तथा जान को खतरा होने की आशंका भी दर्ज होने की बात कही गई है।

….तो सर फाड़ने और झगड़ा रोकने गए भाजपा नेता के खिलाफ ही मुकदमा

घटना में सबसे बड़ा सवाल पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जिस व्यक्ति को बचाने के लिए भाजपा नेता नवीन कुमार मौके पर पहुंचे और जो स्वयं गंभीर रूप से घायल हुए, उसी नवीन कुमार के खिलाफ दूसरे पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। वहीं, नवीन कुमार के भतीजे सुमित कुमार की ओर से चार सितंबर को दी गई तहरीर पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि एक तरफ गंभीर चोटों के बावजूद उनके पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई नहीं हुई, जबकि दूसरी ओर नवीन कुमार के खिलाफ शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

मौके के वीडियो, सीसीटीवी से खुल सकता है घटनाक्रम

मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू घटना के वीडियो फुटेज हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो उपलब्ध होने की जानकारी तहरीर में दी गई है। घटना का वीडियो इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है। वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों के बीच मारपीट और सड़क पर हंगामे का दृश्य दिखाई देने की बात सामने आई है।  ऐसे में सवाल यह है कि यदि पुलिस के पास घटनास्थल से जुड़े वीडियो साक्ष्य उपलब्ध हैं तो पूरे घटनाक्रम की जांच में इनकी भूमिका क्या है और आरोपितों की पहचान तथा घटना में उनकी भूमिका तय करने के लिए फुटेज का कितना इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसलिए पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

घटना के बाद अब मामला महज दो पक्षों की मारपीट तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर गंभीर रूप से घायल भाजपा नेता और उनके भतीजे का पक्ष है, वहीं दूसरी ओर नवीन कुमार के खिलाफ दर्ज मुकदमे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस को हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन कार्रवाई का पहला रुख घायल भाजपा नेता की ओर हो गया। उनका सवाल है कि जब मौके की वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट में सिर पर दो जगह फ्रैक्चर जैसी गंभीर चोट सामने आ रही है और घटना के वीडियो साक्ष्य होने की बात कही गई है, तो पुलिस ने कार्रवाई का आधार किस तरह तय किया है। इन आरोपों के बीच पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। जबकि मामले में एक महिला पुलिस अफसर की पैरवी भी आरोपियों के पक्ष में लग रही है।  हालांकि पुलिस से घटनाक्रम को लेकर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया, इस मामले में जो बयान पुलिस का सामने आएगा, उसको प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

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