नारी के अंतर्मन की कथा और व्यथा को स्वर देती है ‘कुल जमा’: सुबोध उनियाल
काबीना मंत्री ने किया युवा साहित्यकार श्रुति वत्स के काव्य संग्रह का लोकार्पण, साहित्य के प्रति लगन को सराहा

देहरादून। युवा साहित्यकार एवं अधिकारी श्रुति वत्स के काव्य संग्रह ‘कुल जमा’ का लोकार्पण बुधवार को नेहरू कॉलोनी स्थित सरकारी परिसर में काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों के साथ साहित्य सृजन करना आसान कार्य नहीं है। इसके लिए समय के साथ-साथ साहित्य के प्रति गहरी रुचि, संवेदनशीलता और निरंतर साधना की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारी श्रुति वत्स ने अपनी साहित्य के प्रति लगन और प्रतिबद्धता से इस कार्य को संभव कर दिखाया है।

काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि ‘कुल जमा’ केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि संवेदनाओं और अनुभूतियों का दस्तावेज है। संग्रह में नारी के अंतर्मन में चलने वाली भावनाओं, संघर्षों, आकांक्षाओं और पीड़ा को कविताओं के माध्यम से प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि कविता समाज और व्यक्ति के भीतर की उन भावनाओं को सामने लाने का माध्यम है, जिन्हें सामान्य शब्दों में व्यक्त करना कठिन होता है। श्रुति वत्स की रचनाओं में यह संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
इस मौके पर ‘कुल जमा’ की रचयिता श्रुति वत्स ने अपने काव्य संग्रह की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने संग्रह की रचनाओं के पीछे की भावभूमि और अपनी साहित्यिक यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साहित्य उनके लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों, संवेदनाओं और आसपास की दुनिया को समझने और उसे शब्द देने का माध्यम है। उन्होंने अपने साहित्यिक सफर में मिले सहयोग और प्रोत्साहन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। साहित्यकार मुकेश नौटियाल ने काव्य संग्रह की समीक्षा करते हुए इसकी विषयवस्तु और काव्य संवेदना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संग्रह में जीवन के विविध पक्षों के साथ विशेष रूप से स्त्री मन की जटिलताओं और संवेदनाओं को अभिव्यक्ति मिली है। कविताओं में निजी अनुभवों के साथ सामाजिक सरोकारों की झलक भी दिखाई देती है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार गजेंद्र नौटियाल, वीना बेंजवाल, नीता कुकरेती, चारधाम महासभा के महासचिव डॉ. बृजेश सती, विपिन बनियाल, प्रकाशक प्रबोध उनियाल तथा लोक गायक रजनीकांत सेमवाल सहित साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सैयद सादाब अली ने किया। साहित्यकारों और उपस्थित अतिथियों ने श्रुति वत्स को उनके काव्य संग्रह के लिए शुभकामनाएं देते हुए साहित्यिक यात्रा के निरंतर आगे बढ़ने की कामना की।
