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उत्तरकाशी में शिवमहापुराण कथा सुनने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता मन

देहरादून। भगवान काशी विश्वनाथ की पावन नगरी उत्तरकाशी में आयोजित 46वीं श्री शिवमहापुराण कथा के तृतीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच कथा का आयोजन किया गया। कथा प्रारंभ होने से पहले आयोजित प्रतिभा प्रदर्शन में स्कूली बच्चों और गुरुकुल के विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में अल्पाइन पब्लिक स्कूल के छात्र विराज और आशुतोष ने शंख वादन प्रस्तुत किया। वहीं इशिका राणा एवं इशिका बनुनी ने भक्ति गीतों की मधुर प्रस्तुति दी। राधिका और कनिका ने संस्कृत श्लोकों का सस्वर पाठ कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के सक्षम नेगी और प्रियांशु डंगवाल ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। तृतीय दिवस की कथा के यजमान वीरेंद्र जोशी एवं उनका परिवार रहा। व्यासपीठ से कथा का वाचन कर रहे परम पूज्य कथा व्यास डॉ. पंकज सेमवाल ने श्रावण मास में भगवान शिव का दूध और दही से अभिषेक करने के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया शिव पूजन भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
कार्यक्रम में केदार मंदिर के महंत राघवानंद जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कथा का आयोजन महंत जयेंद्र पुरी जी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यह 46वीं आवर्ती की श्री शिवमहापुराण कथा 2 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी के पंडाल में आयोजित की जा रही है। आयोजकों ने बताया कि शिवमहापुराण कथा का प्रतिदिन लाइव प्रसारण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी के यूट्यूब और फेसबुक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी कथा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर महंत अजय पुरी, राघवेंद्र उनियाल, हेमराज बनुनी, कुशाल पंवार, शकुन्तला गुसाई, रमेश चौहान, गोपाल रावत, जितेंद्र पंवार, संजय अरोड़ा, मोहन डबराल, अर्चना रतूरी, प्रेमा चंदोक, गीता कश्यप, वंश राणा, सौरव बिष्ट, आयुष कोटनाला, कैलाश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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