मोबाइल हैक कर 25 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, STF ने पश्चिम बंगाल से अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सदस्य दबोचा

देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने लगभग 25 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक मुख्य सदस्य को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्र में की गई। उसके कब्जे से दो डेबिट कार्ड, तीन सिम कार्ड और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने उसका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए तथा उसकी कंपनी के बैंक खाते से 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु.अ.सं. 14/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) एवं आईटी एक्ट की धारा 66D में मुकदमा दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची STF
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों और मेटा सहित विभिन्न संस्थानों से तकनीकी जानकारी जुटाई। डिजिटल डेटा के विश्लेषण के बाद पुलिस टीम पश्चिम बंगाल रवाना हुई और हाबरा बाजार, उत्तर 24 परगना से गिरोह के मुख्य सदस्य जियाउर गाजी (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी फर्म बनाकर खोल रखे थे कई बैंक खाते
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध कराता था तथा इसके बदले मोटी रकम प्राप्त करता था। उसने अपने नाम से करीब 12 बैंक खाते खुलवाने के साथ ही अन्य लोगों के खाते भी खुलवाकर उनका उपयोग साइबर अपराध में कराया। आरोपी ने “गाजी इंटरप्राइजेज” नाम से फर्जी फर्म बनाकर विभिन्न बैंकों में खाते भी खुलवा रखे थे।
तीन चरणों में ट्रांसफर हुई ठगी की रकम
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का 11.95 लाख रुपये पहले आरोपी के आईडीबीआई बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद राशि को क्रमशः इंडसइंड बैंक और सेंट्रल बैंक के खातों में भेजा गया। आरोपी ने इंडसइंड बैंक खाते से करीब 7 लाख रुपये चेक के माध्यम से तथा शेष रकम एटीएम से निकाल ली। एसटीएफ के अनुसार आरोपी संगठित साइबर अपराध गिरोह के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड मुहैया कराने तथा धोखाधड़ी की रकम निकालने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और गिरोह के नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा के दो डेबिट कार्ड, तीन मोबाइल फोन (वीवो, ओप्पो और माइक्रोमैक्स) तथा तीन विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड बरामद किए हैं। एसटीएफ ने बताया कि मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
