युवाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विपुल मैन्दोली

देहरादून। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विपुल मैन्दोली ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश के युवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान राज्य में युवाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा “विकसित उत्तराखण्ड” के संकल्प को लेकर कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
भेंट के दौरान विपुल मैन्दोली ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेशभर में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा, राजनीति, शिक्षा, खेल, स्वरोजगार और डिजिटल कौशल से जोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने बताया कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव तक पहुंचकर युवाओं की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा द्वारा युवाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार, डिजिटल तकनीक एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नेतृत्व विकास, सामाजिक जागरूकता और नीति निर्माण जैसे विषयों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। विपुल मैन्दोली ने मुख्यमंत्री के समक्ष पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांवों के युवाओं को आज भी बेहतर शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जिसके कारण पलायन जैसी समस्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पहाड़ के युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें अपने गांव छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े।
इसी क्रम में उन्होंने जनपद चमोली के विकासखण्ड नन्दानगर स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनोल को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत किए जाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि विद्यालय के विद्यार्थियों को कक्षा 10 के बाद आगे की पढ़ाई के लिए लगभग 15 किलोमीटर दूर जंगल वाले रास्ते से राजकीय इंटर कॉलेज बूरा जाना पड़ता है, जिससे छात्र-छात्राओं को जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के उच्चीकरण से क्षेत्र के बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विषय को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
