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देहरादून में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर सख्त एक्शन, अवैध भंडारण व रिफिलिंग पर सीधे जेल

डीएम सविन बसंल ने तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश, 72 एजेंसियों के गोदाम प्रशासन के रडार पर

देहरादून।जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एलपीजी गैस का अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा बीएनएस के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीधे जेल भेजने तक की कार्रवाई शामिल है।

कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने तेल कंपनियों के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ जनपद में घरेलू और व्यावसायिक गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि गैस वितरण में पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कंट्रोल रूम स्थापित, शिकायतों का होगा त्वरित निस्तारण
गैस वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने आपदा नियंत्रण कक्ष में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। नागरिक गैस से संबंधित शिकायत या सूचना के लिए 1077, 0135-2626066, 0135-2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर संपर्क कर सकते हैं। डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कंट्रोल रूम में एक घंटे बैठकर गैस वितरण, स्टॉक और प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करेंगे।

25 दिन से पहले नहीं होगी दूसरी बुकिंग

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि एक बार गैस सिलेंडर बुक होने के बाद अगली बुकिंग 25 दिन के बाद ही संभव होगी। इस जानकारी को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए गैस एजेंसियों को बल्क एसएमएस भेजने और एजेंसियों पर फ्लेक्सी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

72 गैस एजेंसियां प्रशासन की निगरानी में

जिले में संचालित सभी 72 गैस एजेंसियों के गोदाम प्रशासन की निगरानी में रखे गए हैं। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों के साथ गैस एजेंसियों के स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की रैंडम जांच करें। यदि किसी एजेंसी पर गैस का अवैध भंडारण, कालाबाजारी, बाहरी लोगों की संलिप्तता या अवैध रिफिलिंग पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी को सील कर दिया जाएगा।

घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर भी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने घरेलू गैस सिलेंडर का होटल या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग पाए जाने पर तत्काल जब्ती और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया है।

अस्पताल और छात्रावास को प्राथमिकता

बैठक में यह भी तय किया गया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों और छात्रावासों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।

जिले में इतने उपभोक्ता
बैठक में जानकारी दी गई कि देहरादून जिले में वर्तमान में करीब 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ता और 19,624 व्यावसायिक उपभोक्ता गैस एजेंसियों के माध्यम से एलपीजी प्राप्त करते हैं। जनपद को गैस आपूर्ति एचपीसीएल के भगवानपुर, बीपीसीएल के लंढौरा और इंडियन ऑयल के बादराबाद व लोनी (गाजियाबाद) डिपो से की जाती है।

अफवाहों से बचने की अपील
डीएम सविन बसंल ने जनता से अपील की कि गैस को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक स्टॉक न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह समेत तेल कंपनियों और गैस एजेंसी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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