कैबिनेट के अहम फैसले: अल्पसंख्यक आयोग संशोधन, पूर्व सैनिकों को आरक्षण और तीन निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी

देहरादून। राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में अल्पसंख्यक आयोग से जुड़े संशोधन विधेयक, पूर्व सैनिकों को आरक्षण से संबंधित प्रस्ताव, भाषा संस्थान में संशोधन, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और सार्वजनिक द्यूत (जुआ) रोकथाम कानून जैसे अहम निर्णय लिए गए। इन फैसलों को राज्य के सामाजिक, शैक्षिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 को अधिनियमित करने की मंजूरी प्रदान की है। यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद-29 के तहत अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की सुरक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। राज्य में मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी और सिख समुदायों को अल्पसंख्यक वर्ग के रूप में मान्यता प्राप्त है। संशोधन के माध्यम से इन समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा, सरकारी योजनाओं में बेहतर प्रतिनिधित्व और विकास से जुड़े मुद्दों पर आयोग की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
पूर्व सैनिकों को आरक्षण से जुड़ा प्रस्ताव मंजूर
कैबिनेट ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आरक्षण अधिनियम, 1993) संशोधन विधेयक 2026 के तहत राज्य सेवाओं में पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ देने से संबंधित प्रावधानों को भी मंजूरी दी है।इस निर्णय से सेना से सेवानिवृत्त हो चुके सैनिकों को राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं में अवसर मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। सरकार का मानना है कि पूर्व सैनिकों का अनुभव और अनुशासन प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगा।
उत्तराखंड भाषा संस्थान संशोधन विधेयक को स्वीकृति
कैबिनेट ने उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है। इससे क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों के अध्ययन, शोध और प्रचार-प्रसार के लिए संस्थान की कार्यप्रणाली को अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार करते हुए कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी देते हुए राज्य में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति दी है।
इनमें माउंट वैली विश्वविद्यालय, नैनीताल, तुलाज विश्वविद्यालय, देहरादून, शिवालिक विश्वविद्यालय, देहरादून
शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे और युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी है। इस कानून के लागू होने के बाद राज्य में जुआ, सट्टेबाजी और अवैध द्यूत घरों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
इसके तहत दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है और इससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
सरकार के इन फैसलों को राज्य में सामाजिक न्याय, शिक्षा के विस्तार और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
