पीपलकोटी टनल हादसा: मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख, घायलों को ₹1 लाख देगी टीएचडीसी

देहरादून। विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (VPHEP) की टेल रेस टनल (TRT) में 13 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे के बाद टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने मृतक श्रमिकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। कंपनी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक श्रमिक के निकटतम परिजन (Next of Kin) को ₹5 लाख तथा प्रत्येक घायल श्रमिक को ₹1 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

टीएचडीसी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जनहानि से प्रबंधन अत्यंत व्यथित है। कंपनी ने दिवंगत श्रमिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया है।
अचानक पानी और मलबा भरने से मची थी अफरा-तफरी
पीपलकोटी के मायापुर क्षेत्र में निर्माणाधीन टीएचडीसी परियोजना की टेल रेस टनल में 13 अगस्त की शाम अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा घुसने से यह हादसा हुआ था। टीएचडीसी के अनुसार घटना TRT के फेज-II में चेनज 1440 मीटर के आसपास हुई। घटना के समय टनल के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था और बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद थे। पानी और मलबे के तेज बहाव के बाद टनल का एक हिस्सा प्रभावित हुआ और कई श्रमिक अंदर फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी समेत विभिन्न राहत एवं बचाव एजेंसियों को मौके पर लगाया गया। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टनल के भीतर पानी, मलबे और अस्थिर भू-भाग के बीच रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
19 श्रमिकों को निकाला गया, तीन की तलाश जारी
उपलब्ध आधिकारिक अपडेट के अनुसार हादसे के बाद टनल में फंसे 22 श्रमिकों में से 19 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन श्रमिकों की तलाश जारी है। हादसे में अब तक सात श्रमिकों की मौत की सूचना है। बचाए गए घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान बचाव दलों को टनल के भीतर लगातार बदलती परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। पानी और मलबे के कारण अंदर पहुंचना मुश्किल रहा, वहीं सुरंग की संरचनात्मक स्थिति को देखते हुए बचावकर्मियों को अत्यधिक सावधानी के साथ अभियान आगे बढ़ाना पड़ा।
सीएम ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
हादसे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल श्रमिकों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली थी। सरकार ने राहत एवं बचाव कार्य में लगी सभी एजेंसियों को समन्वय के साथ अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माणाधीन सुरंगों में श्रमिकों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मीडिया रिपोर्टों में कुछ श्रमिकों द्वारा हादसे से पहले टनल में मलबा गिरने और सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताए जाने की बात सामने आई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना 444 मेगावाट की परियोजना है। परियोजना में 13.4 किलोमीटर लंबी हेडरेस टनल और करीब 3 किलोमीटर लंबी टेल रेस टनल सहित कई महत्वपूर्ण भूमिगत निर्माण कार्य शामिल हैं।
पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहने का भरोसा
टीएचडीसी प्रबंधन ने कहा है कि यह समय प्रभावित परिवारों के लिए बेहद कठिन और पीड़ादायक है। कंपनी ने दिवंगत श्रमिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। ₹5 लाख की अनुग्रह राशि मृतकों के निकटतम परिजनों को तथा ₹1 लाख की सहायता घायलों को दी जाएगी। हादसे के बाद अब सबसे बड़ी प्राथमिकता टनल में फंसे शेष श्रमिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। साथ ही मजिस्ट्रियल जांच के जरिए हादसे के वास्तविक कारणों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और संभावित चूक की पड़ताल किए जाने की उम्मीद है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
