Uttarakhandअपराधउत्तराखंडविजिलेंस की बड़ी कार्रवाई

रिश्वतखोरी में पकड़ी गई स्कूल संचालिका का ‘ट्रस्ट से ट्रैप’ तक का सफर, चंडी देवी मंदिर की पूर्व ट्रस्टी पर पहले से धोखाधड़ी का केस

1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विजिलेंस अब खंगाल रही रिश्तेदारों के स्कूल, बैंक खाते और RTE फंड का पूरा नेटवर्क

देहरादून। रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार महिला स्कूल संचालिका पुष्पांजलि शर्मा के खिलाफ चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध चंडी देवी मंदिर की पूर्व ट्रस्टी रह चुकी पुष्पांजलि पर पहले से ही धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। यह मामला श्यामपुर थाने में दिसंबर 2025 में दर्ज किया गया था, जिसे अब विजिलेंस जांच में शामिल करने की तैयारी में है।

विजिलेंस सैक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने 1 अप्रैल 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (प्रभारी) डोईवाला धनवीर सिंह बिष्ट और स्कूल संचालिका पुष्पांजलि शर्मा को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ थाना सतर्कता देहरादून में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विजिलेंस ने आरोपी महिला पुष्पांजलि शर्मा और प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धन सिंह बिष्ट से कड़ी पूछताछ की गई। आरोपियों के दफ्तर और ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। गुरुवार को दोनों आरोपियों को विजिलेंस कोर्ट में पेश किया गया। जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया है।

आरटीई फंड में बड़ा खेल, बिचौलिया बनकर कराती थी सेटिंग…!

जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि के भुगतान में बिचौलिया बनकर काम कर रही थी। शिकायतकर्ता के गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल, ऋषिकेश में पढ़ रहे छात्रों की प्रतिपूर्ति राशि के बिल पास कराने के एवज में 1 लाख रुपये की मांग की गई थी। बताया जा रहा कि महिला ने कई स्कूलों को सेटिंग कर बजट रिलीज कराने का झांसा दिए जाने के एंगल पर विजिलेंस जांच कर रही है।

महिला के रिश्तेदारों के स्कूल भी विजिलेंस की रडार पर

विजिलेंस को जानकारी मिली है कि पुष्पांजलि शर्मा उर्फ़ गौड़ के कई रिश्तेदार भी स्कूल संचालित करते हैं। बताया जा रहा कि उनके पिता और बहन के द्वारा भी दो स्कूलों का संचालन लालतप्पड़ और गैंडीखत्ता हरिद्वार में किया जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि आरटीई फंड के नाम पर बड़े स्तर पर नेटवर्क बनाकर सरकारी धन के वितरण में गड़बड़ी की जा रही थी। अब विजिलेंस इन सभी स्कूलों, वहां पढ़ने वाले आरटीई छात्रों और रिलीज हुई रकम का पूरा हिसाब खंगाल रही है।

बीईओ और संचालिका के कनेक्शन की गहराई से जांच

खंड शिक्षा अधिकारी धन सिंह बिष्ट और स्कूल संचालिका पुष्पांजलि शर्मा के बीच करीबी तालमेल की भी जांच की जा रही है। विजिलेंस इस एंगल पर काम कर रही है कि क्या यह सिर्फ एक मामला है या फिर लंबे समय से चल रहा संगठित भ्रष्टाचार का नेटवर्क। विजिलेंस महिला और बीईओ के बीच हुई बातचीत की डिटेल्स और दफ्तर से मिले दस्तावेज आदि की जांच कर रही है। ताकिअसली कहानी सामने आ सके।

ट्रस्ट से जुड़ाव और पुराना धोखाधड़ी केस भी जांच में

जानकारी के अनुसार पुष्पांजलि शर्मा 2019 में चंडी देवी मंदिर, हरिद्वार की ट्रस्टी भी रह चुकी है। हालांकि उन्होने 2019 में इस्तीफा दे दिया था। लेकिन दिसम्बर 2025 में ट्रस्ट को लेकर हरिद्वार के श्यामपुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी का मुकदमा भी अब जांच के दायरे में लाया जा रहा है। इससे उसके वित्तीय और सामाजिक नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की रणनीति विजिलेंस द्वारा बनाई जा रही है।

 संपत्ति, बैंक खाते और लॉकर की होगी जांच

विजिलेंस अब आरोपी महिला पुष्पाजलि शर्मा उर्फ़ गौड़ की चल-अचल संपत्ति, बैंक खाते, लॉकर और वित्तीय लेनदेन की जांच करने जा रही है। माना जा रहा है कि इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह मामला सिर्फ रिश्वतखोरी तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में गहरे बैठे भ्रष्टाचार और नेटवर्क का संकेत दे रहा है। विजिलेंस की जांच आने वाले दिनों में कई और चेहरों से पर्दा उठा सकती है।

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