देहरादून में वैश्विक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन, आधुनिक चिकित्सा में आईआर की बढ़ती भूमिका पर जोर

देहरादून।श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून में 16 जनवरी को वैश्विक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (आईआर) दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के बढ़ते प्रभाव और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली इमेज-गाइडेड प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा, जो कम दर्द, कम जोखिम और शीघ्र रिकवरी के माध्यम से रोगी देखभाल में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।
समारोह में श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने प्रौद्योगिकी आधारित चिकित्सा विशेषज्ञताओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और बेहतर नैदानिक परिणामों में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की अहम भूमिका की सराहना की। वहीं, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने पारंपरिक सर्जरी के प्रभावी और सुरक्षित विकल्प के रूप में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के योगदान को रेखांकित किया।
रेडियोडायग्नोसिस विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार आज़ाद ने रेडियोलॉजी के विकास क्रम—नैदानिक इमेजिंग से लेकर चिकित्सीय हस्तक्षेप तक—पर प्रकाश डालते हुए युवा चिकित्सकों को इस उभरते क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर एवं सलाहकार प्रभारी डॉ. प्रशांत सारडा ने हालिया प्रगतियों, जीवनरक्षक प्रक्रियाओं तथा ऑन्कोलॉजी, संवहनी रोगों और आपातकालीन देखभाल में आईआर के विस्तारित दायरे की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव और प्रोफेसर डॉ. मनाली ने भी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के भविष्य और इसकी बढ़ती संभावनाओं पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। अकादमिक चर्चाओं और संवादों के माध्यम से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी को रोगी-हितैषी और भविष्योन्मुखी विशेषज्ञता के रूप में प्रस्तुत किया गया। समारोह का समापन समाजहित में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस क्षेत्र में उत्कृष्टता को और सुदृढ़ करने की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

