साइबर ठगों पर STF का शिकंजा, 15 दिन में बचाए ₹1.98 करोड़, 1930 हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड में साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं के बीच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। राष्ट्रीय साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से अक्टूबर के पहले 15 दिनों में साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की करीब 1.98 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। एसटीएफ की ओर से प्रतिदिन प्राप्त होने वाली शिकायतों पर संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है, ताकि ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखंड अजय सिंह ने साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में 1930 कंट्रोल रूम की टीम शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क कर संदिग्ध खातों में धनराशि होल्ड कराने की कार्रवाई कर रही है।
APK फाइल और फर्जी लिंक से ठगी
एसटीएफ के अनुसार, हाल के मामलों में मोबाइल पर भेजी गई APK फाइल, फेसबुक अपडेट नोटिफिकेशन और फोन अपडेट लिंक के जरिए साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई हैं। इन मामलों में पीड़ितों ने हजारों से लेकर लाखों रुपये तक गंवाए। समय पर शिकायत मिलने के बाद हेल्पलाइन की टीम ने संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारियों से समन्वय कर कई मामलों में ठगी की रकम होल्ड कराई।
प्रमुख मामलों में ऋषिकेश निवासी काश्मी शर्मा की शिकायत पर 1,54,000 रुपये की ठगी में से 1,10,360.97 रुपये होल्ड कराए गए। रामनगर निवासी रितेश कुमार की 81,998.21 रुपये की पूरी धनराशि होल्ड कराई गई। पंतनगर निवासी देव सिंह के मामले में 97,993 रुपये की ठगी में से 66,409.92 रुपये होल्ड हुए।
बनभूलपुरा निवासी मुजीरबुर्रहमान की शिकायत पर 1,58,989 रुपये, पटेलनगर निवासी इरशाद के मामले में 5,64,000 रुपये तथा खटीमा निवासी विवेक सिंह राणा की शिकायत पर 1,96,343 रुपये की ठगी में से 1,32,532 रुपये होल्ड कराए गए। इसी तरह कालाढूंगी निवासी किशन नाथ की 51,070 रुपये की पूरी रकम होल्ड कराई गई। रामनगर निवासी नवीन चंद्र पांडे के मामले में 3,67,391 रुपये की ठगी में से 2,25,648.41 रुपये और नेहरू कॉलोनी, देहरादून निवासी मनोज नौटियाल की 4,42,710 रुपये की ठगी में से 3,88,987 रुपये होल्ड कराए गए। 16 अक्टूबर को काशीपुर निवासी आदेश गुप्ता की 6.30 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत पर भी त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी धनराशि होल्ड कराई गई।
एसटीएफ की जनता से अपील
एसटीएफ ने आमजन से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता कमीशन के लालच में दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दे। एटीएम कार्ड, ओटीपी, पिन और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। खाते में अनजान स्रोत से धनराशि आने पर तत्काल बैंक और पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल पर सतर्क रहने और अपनी निजी जानकारी या दस्तावेज साझा नहीं करने की सलाह दी है। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराता-धमकाता है, तो घबराएं नहीं। कोई भी जांच एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती।
एसटीएफ ने फर्जी वेबसाइट, नकली कस्टमर केयर नंबर, निवेश के नाम पर कम समय में अधिक मुनाफा देने वाले प्रस्तावों और रकम दोगुनी करने के प्रलोभनों से बचने की भी अपील की है। किसी भी वित्तीय साइबर अपराध का शिकार होने पर बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ सकती है।
