कांति वंश समाज की एकजुटता और युवा सशक्तिकरण पर जोर, सामाजिक विकास के लिए बनेगी कार्ययोजना

देहरादून। कांति वंश समाज की सामाजिक एकजुटता, युवाओं के शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर देहरादून के नत्थुवाला स्थित एलडी अकादमी में कांति वंश शौनक गोत्रीय ब्राह्मण समिति की प्रादेशिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों ने समाज के उत्थान, संगठन के विस्तार और भावी पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक पहचान से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कांति वंश के वयोवृद्ध वंश प्रमुख सूबेदार जय कृष्ण कांति की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में निवास कर रहे समाज के लोगों से एक मंच पर आकर सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने तथा आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। बैठक में युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना और उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखना जरूरी है। इसके लिए समय-समय पर सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
ऐतिहासिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर
कांति वंश के अध्यक्ष कलीराम कांति ने बताया कि बैठक में कांति वंश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि समाज की परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में कांति वंश पत्रिका के प्रकाशन, मंदिरों की संचालन व्यवस्था, पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान करने, संगठन की आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करने तथा जनपद चमोली के ग्राम चिरखुन स्थित मंदिर की व्यवस्था को और बेहतर बनाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इन मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद आवश्यक प्रस्ताव पारित किए गए।
संगठन के विस्तार के लिए गठित होगी कार्ययोजना
बैठक में संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के साथ ही भविष्य की गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक विशेष कार्य समिति का गठन भी किया गया। समिति के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों को गति देने, समाज के लोगों के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया। बैठक को डॉ. राजेंद्र कांति, कलीराम कांति, मनोज कांति, स्यालकिराम कांति, वासुदेव कांति, वीरेंद्र कांति, रामेश्वर कांति और डॉ. बृजमोहन कांति सहित अन्य प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। डॉ. श्रीकांत कांति के संचालन में संपन्न बैठक में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे समाज के गणमान्य नागरिकों, मातृशक्ति और युवाओं ने भागीदारी की। बैठक में समाज के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संगठनात्मक मजबूती के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
