देहरादून में पीएम दौरे से पहले हाई अलर्ट: 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, डीजीपी ने दी सख्त ब्रीफिंग

देहरादून। प्रधानमंत्री के 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर उत्तराखण्ड में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। पुलिस मुख्यालय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तराखण्ड दीपम सेठ ने सोमवार को पुलिस लाइन देहरादून में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक और ब्रीफिंग की।

इस दौरान डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को देखते हुए 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो विभिन्न जिम्मेदारियों के तहत समन्वित रूप से कार्य करेंगे।
मिनट-टू-मिनट रिहर्सल, हर पहलू की जांच
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले पुलिस, प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से ‘मिनट-टू-मिनट’ रिहर्सल किया गया। इसमें वीवीआईपी मूवमेंट, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया गया।
सख्त चेकिंग और सत्यापन के निर्देश
डीजीपी ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) से गहन जांच की जाए। बिना जांच के किसी को प्रवेश न दिया जाए और किसी भी प्रकार की अनधिकृत वस्तु अंदर ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और वीवीआईपी रूट पर मानव श्रृंखला में शामिल प्रतिभागियों का पूर्व सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
ड्रोन पूरी तरह प्रतिबंधित, ऊंची इमारतों पर निगरानी
सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही ऊंची इमारतों, जल टंकियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की बम निरोधक दस्ते (BDS) और डॉग स्क्वाड द्वारा गहन जांच कराई जा रही है।
वीवीआईपी रूट का भौतिक निरीक्षण अनिवार्य
डीजीपी ने वीवीआईपी रूट प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरे मार्ग का पूर्व निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि कहीं भी निर्माण सामग्री या अन्य अवरोध मौजूद न हो।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित निकासी पर विशेष फोकस
कार्यक्रम समाप्ति के बाद भीड़ की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी के लिए भी विशेष प्लान तैयार किया गया है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सतर्कता और अनुशासन पर जोर
डीजीपी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान पूर्ण सतर्कता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों का टर्नआउट उच्च स्तर का होना चाहिए और उन्हें पहले से स्पष्ट ब्रीफिंग दी जाए।बैठक में अभिसूचना एवं सुरक्षा, अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित विभिन्न शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारी, जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।