चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम, ‘पिलग्रिमेज एजुकेशन हैंडबुक’ का विमोचन

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में प्रस्तावित चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वास्थ्य सुविधाओं से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज लोक भवन, देहरादून में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस सेमिनार का विषय “चारधाम यात्रा के दौरान चिकित्सा समस्याएं और सड़क दुर्घटना सुरक्षा उपाय” रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ले जनरल गुरमीत सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर “पिलग्रिमेज एजुकेशन हैंडबुक” का विधिवत विमोचन किया गया, जिसका उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य, सुरक्षा और सावधानियों के प्रति जागरूक करना है। सेमिनार को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड देश का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है, जहां हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु गहरी आस्था के साथ चारधाम यात्रा पर पहुंचते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक मजबूत आधार है। स्थानीय लोगों को होमस्टे, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त होते हैं।
सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि इस वर्ष यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कुल 243 चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनमें 33 विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। यह टीम यात्रा मार्गों पर आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
इसके अलावा, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि पहाड़ी रास्ते जहां प्राकृतिक रूप से आकर्षक होते हैं, वहीं वे संवेदनशील भी होते हैं, ऐसे में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे यात्रा पर निकलने से पूर्व अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। विशेषकर बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श लेकर ही यात्रा करनी चाहिए।
अंत में अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि चारधाम यात्रा एक सुरक्षित और सुखद अनुभव बन सके।
