वीडियो…प्रधान संगठन ने 19 अगस्त का धरना किया स्थगित, सीएम के आश्वासन पर सितंबर के प्रथम सप्ताह तक सरकार को दिया समय

देहरादून। ग्राम प्रधानों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन को लेकर प्रधान संगठन उत्तराखंड ने फिलहाल अपना कदम पीछे खींच लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से संगठन की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद प्रदेश प्रधान संगठन ने 19 अगस्त से प्रस्तावित ब्लॉक स्तरीय धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया है। संगठन ने सरकार को इस माह के अंत तक मांगों के समाधान का समय दिया है। यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो सितंबर के प्रथम सप्ताह से प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
प्रदेश प्रधान संगठन की अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत की ओर से 18 अगस्त को जारी पत्र में संगठन के सभी पदाधिकारियों और ब्लॉक अध्यक्षों को इस निर्णय की जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार ग्राम प्रधानों की ओर से रखे गए 10 सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन प्रदेश के सभी ब्लॉकों से खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया था। इसके साथ ही संगठन ने अपनी मांगों के समर्थन में 19 अगस्त से धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी सरकार को दी थी। संगठन के अनुसार मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों की मांगों का संज्ञान लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया कि सरकार इसी माह के अंत तक प्रधान संगठन की अधिकांश मांगों को पूरा करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करेगी।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रदेश संगठन ने सभी सम्मानित ब्लॉक अध्यक्षों एवं संगठन के पदाधिकारियों से 19 अगस्त से प्रस्तावित ब्लॉक स्तरीय धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को स्थगित करने का अनुरोध किया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह स्थगन सरकार की ओर से मिले आश्वासन के आधार पर किया गया है और मांगों के समाधान की स्थिति पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो सितंबर में फिर आंदोलन
प्रधान संगठन ने सरकार को समय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि अगस्त माह के अंत तक 10 सूत्रीय मांगों में से अधिकांश मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो सितंबर के प्रथम सप्ताह से प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन दोबारा शुरू किया जाएगा। ऐसे में सरकार के लिए ग्राम प्रधानों की मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करना अहम होगा।
प्रदेश संगठन ने कहा है कि ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़ी मांगों को लंबे समय से सरकार के समक्ष रखा जा रहा है। संगठन का कहना है कि मांगों के समाधान के लिए सरकार के साथ वार्ता को प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को प्रदेश स्तर पर तेज किया जाएगा।
अब सरकार की कार्रवाई पर नजर
19 अगस्त के प्रस्तावित आंदोलन के स्थगित होने के बाद अब ग्राम प्रधानों की नजर सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। अगस्त के अंतिम सप्ताह तक मांगों पर क्या निर्णय होता है, इसी के आधार पर संगठन सितंबर में आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगा। संगठन ने अपने सभी ब्लॉक पदाधिकारियों से फिलहाल प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन स्थगित रखने और सरकार के अगले कदम पर नजर बनाए रखने को कहा है।