‘हर पात्र परिवार को मिलेगा अपना घर’, पीएम आवास योजना की समीक्षा में सरकार के सख्त निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत उत्तराखंड में निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए बुधवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी कार्यदायी संस्थाओं, विकासकों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि 30 सितंबर 2026 तक राज्य की सभी लंबित आवासीय परियोजनाओं का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत संचालित सभी परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। निर्माण की वर्तमान स्थिति, परियोजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और संभावित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। सचिव आवास ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल भवन निर्माण की योजना नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान है। इसलिए प्रत्येक परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं और विकास एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी, लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाओं में तकनीकी मानकों, पारदर्शिता और गुणवत्ता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
6,464 आवासों का निर्माण पूरा, जल्द होगा लाभार्थियों को कब्जा
समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत उत्तराखंड में अब तक 6,464 आवासों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इन आवासों का कब्जा पात्र लाभार्थियों को सौंपने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। विभाग का प्रयास है कि सभी पूर्ण हो चुके आवासों का आवंटन और हस्तांतरण शीघ्र पूरा कर लाभार्थियों को अपने पक्के घर का लाभ दिया जाए।
हर सप्ताह होगी प्रगति की समीक्षा
बैठक में उन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनका निर्माण कार्य अभी लंबित है। सचिव आवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी परियोजनाओं में कार्य की गति बढ़ाई जाए और नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी तथा जहां भी किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा सामने आएगी, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। इसलिए प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
‘हर पात्र परिवार को समय पर मिले अपना घर‘
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल निर्धारित संख्या में आवास बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार को समय पर सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 30 सितंबर तक लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए विभाग नियमित मॉनिटरिंग करेगा और किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह, उप सचिव आवास रजनीश जैन, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार चौहान, सहायक अभियंता आकाश चौहान, आवास विशेषज्ञ रोहित रंजन, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं एवं विकासकों के प्रतिनिधियों के साथ एचआरडीए और डीएलडीए के अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी एजेंसियों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने और लाभार्थियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
