भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण की बैठक में खनिज अधिकारों, वित्तीय प्रावधानों और स्थानीय विकास कार्यों पर चर्चा

देहरादून। भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण बैठक आज प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रामसुन्दर नौटियाल ने की। बैठक में भागीरथी नदी घाटी क्षेत्र से जुड़े खनिज अधिकारों, वित्तीय संसाधनों, स्थानीय विकास कार्यों एवं पर्यावरणीय संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अधिनियम की धारा-31 (1) व (2) के अंतर्गत प्राधिकरण को नदी घाटी खनिज अधिकारों हेतु उपकर लगाने के अधिकार पर चर्चा की गई। स्पष्ट किया गया कि इस धारा के तहत लगाया गया कोई भी उपकर राज्य सरकार की पुष्टि के अधीन होगा तथा राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित विधि से ही निर्धारित किया जा सकेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नदी घाटी खनिज अधिकारों के संबंध में व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु नियमावली/विनियमों में 02 प्रतिशत अधिकार भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण को दिए जाने के संबंध में अधिसूचना जारी कराने की कार्रवाई की जाएगी। इस विषय से मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जाएगा।
प्राधिकरण स्तर से मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उत्तराखंड नदी घाटी (विकास और प्रबन्ध) अधिनियम, 2005 की धारा-12 का भी उल्लेख किया गया। इसमें कहा गया कि अधिनियम में उल्लिखित प्रयोजनों की प्राप्ति हेतु राज्य सरकार आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। साथ ही उपधारा (4) के अंतर्गत राज्य सरकार सिंचाई एवं अन्य संस्थाओं द्वारा नदी घाटी विकास योजनाओं के उपार्जन कार्यों से प्राप्त आय का एक हिस्सा प्राधिकरण को उपलब्ध करा सकती है।
बैठक में इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गई कि प्रदेश की अन्य नदी घाटियों में कार्यरत अन्य निगमों एवं विभागों की तरह विद्युत विभाग द्वारा प्राप्त धनराशि का 20 प्रतिशत अथवा समतुल्य धनराशि प्राधिकरण को दिए जाने का प्रावधान होने के बावजूद अब तक संबंधित मद में कोई धनराशि अवमुक्त नहीं की गई है।

इस मुद्दे पर उपस्थित विधायकों ने एकमत से सहमति व्यक्त करते हुए प्रबलता से यह विषय राज्य सरकार के समक्ष उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को प्राप्त होने वाली निर्धारित 20 प्रतिशत धनराशि शीघ्र अवमुक्त कराई जानी चाहिए ताकि क्षेत्रीय विकास कार्यों को गति मिल सके।
बैठक में यह भी बल दिया गया कि भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिनियम की धारा-8 में उल्लिखित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए। साथ ही स्थानीय पारिस्थितिकीय संतुलन, जल, जंगल और जमीन से जुड़ी स्थानीय आकांक्षाओं को संवेदनशीलता के साथ संरक्षित एवं प्रबंधित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
बैठक में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, घनसाली विधायक प्रीतम सिंह पंवार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी धीरेंद्र कुमार सिंह, वित्त अधिकारी शैलेन्द्र बुटोला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
