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‘शिक्षा की बात’ में मुख्य सचिव ने छात्रों को बताए सफलता के गुर, मेहनत और संस्कार पर दिया जोर

देहरादून। समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम के दूसरे एपिसोड में सोमवार को मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन आनंदवर्धन ने प्रदेशभर के हजारों छात्र-छात्राओं से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। कार्यक्रम राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, देहरादून स्थित केन्द्रीय स्टूडियो से संचालित किया गया, जिसमें शिक्षा सचिव रविनाथ रामन भी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने छात्रों को प्रेरित करते हुए पेंसिल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पेंसिल को तेज होने के लिए कष्ट सहना पड़ता है, उसी तरह जीवन में सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम अनिवार्य है। उन्होंने छात्रों को मोबाइल और तकनीक के अति प्रयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि तकनीक को गुलाम बनने के बजाय सहायक उपकरण के रूप में उपयोग करें।
कैरियर और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि केवल अच्छे अंक ही सफलता की गारंटी नहीं हैं। खेल, कला और संचार कौशल का विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयों को निर्देश दिए कि छात्रों के करियर मार्गदर्शन के लिए स्थानीय अधिकारियों जैसे एसडीएम, बैंक मैनेजर और डॉक्टरों को स्कूलों में आमंत्रित किया जाए।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने, ईमानदारी से पढ़ाई करने और प्रतिदिन बेहतर इंसान बनने का संकल्प लिया। मुख्य सचिव ने बच्चों से तीन संकल्प दिलवाए कि माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करना, ईमानदारी और मेहनत से पढ़ाई करना, प्रतिदिन बेहतर इंसान बनने का प्रयास करना।
इस अवसर पर बन्दना गब्र्याल, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, अमृता जायसवाल, उप राज्य परियोजना निदेशक,  अजीत भण्डारी, पल्लवी नैन सहित समग्र शिक्षा के अधिकारी और Edutainment Pvt Ltd. संस्था के निदेशक बालाचन्द्रन, मानसी एवं रवि झा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बी.पी. मैंदोली, स्टाफ ऑफिसर, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड द्वारा किया गया।

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