यूकेएसएसएससी ने तीन वर्षों में 72 परीक्षाएँ कर 7092 को दी नौकरी, भर्ती प्रक्रिया में कई सुधार लागू

देहरादून। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। आयोग के अध्यक्ष जीएस मार्तोलिया के अनुसार पिछले तीन वर्ष की अवधि में 72 प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन कर 7092 पदों पर चयन की संस्तुतियां संबंधित विभागों को भेजी जा चुकी हैं, जबकि लगभग 3500 पदों पर चयन प्रक्रिया अभी जारी है।
आयोग के अध्यक्ष के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों से प्राप्त समूह ‘ग’ के लगभग 1100 पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए जा चुके हैं, जबकि 11 अन्य प्रस्तावित भर्तियों के अंतर्गत 1737 पदों पर विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने दी परीक्षाएँ
आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में लगभग 79,246 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा तथा 3004 अभ्यर्थियों की टंकण और आशुलेखन परीक्षा सफलतापूर्वक कराई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त आगामी माह में एक वाहन चालक परीक्षा, एक टंकण परीक्षा और एक आशुलेखन परीक्षा आयोजित किए जाने का प्रस्ताव भी है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आयोग ने विभिन्न विभागों से प्राप्त समूह ‘ग’ की भर्तियों के आधार पर विज्ञापन जारी करने की तिथियां तथा लिखित, टंकण, आशुलेखन और शारीरिक दक्षता परीक्षाओं की संभावित तिथियां आयोग की वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in पर प्रकाशित कर दी हैं, ताकि उम्मीदवार समय रहते तैयारी कर सकें।
भर्ती प्रक्रिया में किए गए महत्वपूर्ण सुधार
आयोग ने पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के उद्देश्य से भर्ती प्रक्रिया में कई सुधार लागू किए हैं, इनमें महत्वपूर्ण IVR (Interactive Voice Response) तकनीक शुरू की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को आवेदन की स्थिति, परीक्षा तिथि, प्रवेश पत्र, परिणाम और शिकायत संबंधी जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में प्राप्त हो सकेगी। साथ ही ऑनलाइन आवेदन में आधार संख्या को अनिवार्य किया गया है, ताकि डुप्लीकेट आवेदन पर रोक लग सके। आवेदन के दौरान अंगूठे के निशान भी लिए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में विभिन्न चरणों में बायोमेट्रिक मिलान किया जा सके। आयोग ने परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जैमर और फ्रिस्किंग व्यवस्था अनिवार्य की गई है।आयोग द्वारा परीक्षा केंद्रों की ग्रेडिंग भी की गई है, जिससे परीक्षा संचालन और अधिक व्यवस्थित हो सके।
भविष्य में लागू होंगे आधुनिक तकनीकी उपाय
आयोग ने परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए कई नए कदम प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक, लाइव सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल उपस्थिति सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। साथ ही अभ्यर्थियों की पहचान के लिए हथेली और आइरिस (पुतली) आधारित सत्यापन का उपयोग किए जाने की योजना है। इसके अलावा चयन प्रक्रिया को अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए संयुक्त पात्रता परीक्षा (CET) आयोजित करने का भी प्रस्ताव है। आयोग द्वारा परीक्षा भवन और कंप्यूटर लैब स्थापित करने तथा प्रत्येक जनपद में आदर्श परीक्षा केंद्र विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि ऑनलाइन आवेदन भरने से पहले संबंधित विज्ञापन का सावधानीपूर्वक अध्ययन अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।
