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महालेखाकार कार्यालय उत्तराखंड में कोषागार निरीक्षण पर कार्यशाला आयोजित

देहरादून। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की स्थापना के 165 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे ‘ऑडिट दिवस’ कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत कौलागढ़ स्थित महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) कार्यालय, उत्तराखंड में कोषागार निरीक्षण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ उप महालेखाकार लोकेश दताल ने राज्य के वित्तीय लेन-देन के सही एवं पारदर्शी लेखांकन में कोषागारों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर कोषागार निरीक्षण से न केवल वित्तीय अनुशासन मजबूत होता है, बल्कि सरकारी प्रणाली की दक्षता भी बढ़ती है। उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में हाल के वर्षों में कई ई-टूल्स विकसित किए गए हैं, जिनके प्रभावी उपयोग से लेखांकन प्रक्रियाओं को और अधिक सुगम व पारदर्शी बनाया जा सकता है।

कार्यशाला के दौरान कोषागार निरीक्षण के व्यावहारिक पहलुओं, निरीक्षण पद्धतियों, चुनौतियों, अधिकारियों की जिज्ञासाओं और प्राप्त सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अपने दैनिक कार्य में अत्यंत उपयोगी बताया। CAG के 165 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में ‘ऑडिट दिवस’ के तहत क्षमता निर्माण, जागरूकता और प्रणाली सुधार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कोषागार निरीक्षण पर यह कार्यशाला भी इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी रही, जिसका उद्देश्य वित्तीय प्रबंधन में दक्षता और पारदर्शिता को सुदृढ़ करना है।

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