देहरादून में रोड रेज ने ली रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जान, टायर पर फायरिंग में मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली लगने से मौत

देहरादून। शहर में बढ़ती रोड रेज की घटनाओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार सुबह मसूरी रोड पर जोहड़ी गांव के पास ओवरटेक को लेकर दो कार सवारों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें चली गोली एक निर्दोष राहगीर रिटायर्ड ब्रिगेडियर को लग गई। उपचार के दौरान घायल ब्रिगेडियर की मौत हो गई।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6:50 बजे कंट्रोल रूम को जोहड़ी क्षेत्र में फायरिंग की सूचना मिली। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून सहित पुलिस के आला अधिकारी और राजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर कार और स्कॉर्पियो N में सवार व्यक्तियों के बीच वाहन को पास देने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर स्कॉर्पियो में सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर कार का पीछा किया और उसे रोकने के लिए उसके टायरों पर फायरिंग कर दी। इसी दौरान सड़क किनारे मॉर्निंग वॉक कर रहे एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर को दुर्घटनावश गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल ब्रिगेडियर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।

घटना के दौरान फॉर्च्यूनर वाहन अनियंत्रित होकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जोहड़ी गांव के समीप सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया। इसके बाद स्कॉर्पियो सवारों ने फॉर्च्यूनर में बैठे लोगों के साथ मारपीट कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में फॉर्च्यूनर सवार दो लोग भी घायल हुए हैं, जिन्हें उनके साथियों द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पूरे जनपद में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रबेंन्द्र डोबाल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से घटना की जानकारी ली और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने शहर में सड़क पर बढ़ती आक्रामकता और कानून के प्रति लापरवाही को उजागर किया है। मामूली विवाद का इस तरह जानलेवा रूप लेना न केवल चिंताजनक है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
